देवभूमि में बसना चाहते हैं ऋषभ पंत: जमीन खरीद की मुश्किलों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दिए तुरंत मदद के निर्देश!
भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने उत्तराखंड में जमीन खरीदने में आ रही दिक्कतों को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी से सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई है।
भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी|
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने उत्तराखंड में जमीन खरीदने में आ रही परेशानियों को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोशल मीडिया के माध्यम से मदद की गुहार लगाई है। उत्तराखंड के मूल निवासी होने के नाते ऋषभ पंत दिल्ली से अपना बेस शिफ्ट कर देवभूमि में बसना चाहते हैं और इसके लिए वे एक साफ-सुथरी और बड़ी जगह की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, जमीन अधिग्रहण और खरीद की प्रक्रिया में स्पष्टता न होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक बड़ी उलझन बताया है।
ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि उत्तराखंड का स्थानीय निवासी होने के नाते उन्हें काफी समय हो गया है और वे दिल्ली से अपना बेस शिफ्ट करके उत्तराखंड में जमीन खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए कहा कि उन्हें रहने के लिए कोई बड़ी और साफ जगह नहीं मिल पा रही है। अपने गृह राज्य के प्रति अपने गहरे प्रेम को व्यक्त करते हुए ऋषभ ने गुजारिश की कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में स्पष्टता न होने से यह एक नाइटमेयर जैसी स्थिति बन गई है, इसलिए सरकार इस मामले में उनकी मदद करे।
क्रिकेटर के इस संदेश पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के जरिए ही जवाब दिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। सीएम धामी ने अपने आधिकारिक संदेश में लिखा कि प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं और आपने अपने शानदार खेल व उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने मातृभूमि के प्रति ऋषभ के प्रेम और वापस आकर यहां योगदान देने की भावना को अत्यंत सराहनीय बताया।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। सीएम धामी के निर्देश के बाद अब प्रशासन के अधिकारी शीघ्र ही ऋषभ पंत से संपर्क करेंगे और नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उत्तराखंड के प्रति यहां के युवाओं और दिग्गजों का लगाव कितना गहरा है, और राज्य सरकार भी अपने प्रतिभावान खिलाड़ियों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह तत्पर और संवेदनशील नजर आती है।