'शोर बनाम सच' की सियासत! राहुल गांधी के हमले के बीच अमित शाह का पुराना VIDEO लेकर मैदान में उतरे जीतू वाघाणी|

राहुल गांधी के हमलों के बीच गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुराना वीडियो शेयर कर पलटवार किया है। J

Update: 2026-07-31 06:00 GMT

बाएं से दाएं: गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक्स वीडियो स्क्रीनशॉट और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी।

नई दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए बल प्रयोग के मामले को लेकर देश की सियासत पूरी तरह गरमाई हुई है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमलावर हैं और तीखे सवाल खड़े कर रहे हैं। इस गर्मागरम राजनीतिक माहौल के बीच गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नए सिरे से बहस छेड़ दी है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पक्ष और विपक्ष के बीच बयानों का दौर और तेज हो गया है।

यह पूरा घटनाक्रम नई दिल्ली में सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रोटेस्ट और संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग के बाद शुरू हुआ। आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के एक्शन पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। संसद के दोनों सदनों में भी विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया है। गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसके कारण राजनीतिक हलकों और पूरे देश की निगाहें उनके अगले कदम और बयान पर टिकी हुई हैं।

इस बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को सीधे तौर पर घेरा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि अमित शाह संसद में आकर छात्रों के खिलाफ हुई बर्बर हिंसा के बारे में सफाई देने से इतना क्यों डर रहे हैं, और इस तरह की चुप्पी से उनके दोषी होने का एहसास होता है। राहुल गांधी का यह हमला मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि छात्रों पर पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल के साथ-साथ बल प्रयोग का आखिरकार आदेश किसने दिया था। वह दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस पूरी पुलिस कार्रवाई की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक उच्चाधिकार प्राप्त स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए।

राहुल गांधी के इन तीखे हमलों के जवाब में गुजरात के कैबिनेट मंत्री जीतू वाघाणी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक पुराने इंटरव्यू की छोटी सी क्लिप साझा की है। इस वीडियो क्लिप में अमित शाह यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वह इन चीजों का क्या जवाब दें और वे लोग बच्चे थे तब भी उनकी दादी यानी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से नहीं डरते थे। वीडियो में शाह यह भी कहते सुने जा रहे हैं कि उन्होंने खुद उस दौर में विरोध प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए थे। इस पुराने वीडियो को साझा करते हुए गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी ने कैप्शन में लिखा कि राजनीति में शोर नहीं, तथ्य और संयम बोलते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के गांधीनगर से सांसद हैं। वह 2024 के लोकसभा चुनाव में दूसरी बार इस सीट से विजयी हुए थे। इससे पहले वह अहमदाबाद की सरखेज विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं और 2012 में नारनपुरा से भी विधायक चुने गए थे। राजनीतिक सफर की बात करें तो अमित शाह ने वर्ष 1997 में पहली बार विधायकी का चुनाव जीता था। छात्र जीवन के दिनों से ही वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और बाद में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में एक तरफ जहां विपक्ष छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं सत्ता पक्ष पुराने बयानों और वीडियो के जरिए राजनीतिक पलटवार कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगहों पर घमासान और तेज होने के आसार हैं।

Similar News