निर्मला सीतारमण की सभा में 30 सेकंड की रुकावट से सियासी बवाल, जयराम रमेश के दावे पर नायडू ने दिया जवाब|
मदनपल्ले जनसभा के वीडियो पर छिड़े राजनीतिक विवाद के बीच सीएम चंद्रबाबू नायडू और मंत्री नारा लोकेश ने कांग्रेस नेता के दावे को खारिज किया।
मदनपल्ले में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण की जनसभा के वायरल वीडियो पर कांग्रेस और टीडीपी के बीच छिड़े राजनीतिक विवाद के संदर्भ में जयराम रमेश और सीएम चंद्रबाबू नायडू।
आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की जनसभा के दौरान हुई एक घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी और एनडीए के नेताओं के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले से जुड़ी असली और प्रामाणिक डिटेल्स इस प्रकार हैं:
क्या है पूरा मामला?
2 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की जनसभा आयोजित की गई थी। इस सभा के दौरान भाषण में 30 सेकंड की रुकावट आई, जिसका एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो क्लिप को लेकर दावा किया गया कि वहां मौजूद भीड़ नौकरियों की मांग कर रही थी और केंद्रीय वित्त मंत्री को अपना भाषण रोकना पड़ा था।
जयराम रमेश का ट्वीट और दावा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स (X) पर सुलेमान खान नामक यूजर के एक ट्वीट को रीट्वीट किया था।
इस पोस्ट में दावा किया गया था कि रायलसीमा में मंच पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, पवन कल्याण और अनंत अंबानी की मौजूदगी के दौरान वित्त मंत्री के भाषण पर जनता ने 'पहले नौकरी दो' के नारे लगाए और हूटिंग की।
ट्वीट में यह भी कहा गया कि भीड़ को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को खुद खड़े होकर 'शांत रहो' कहना पड़ा और 1 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट पर रोजगार को लेकर सवाल उठाए गए।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की प्रतिक्रिया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जयराम रमेश के इस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे तथ्यों के विपरीत बताया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वहां मौजूद लोगों में किसी तरह का गुस्सा नहीं था, बल्कि गठबंधन सरकार के प्रति भारी उत्साह और अभूतपूर्व प्रतिक्रिया थी।
उन्होंने बताया कि भीड़ के इसी भारी उत्साह को संभालने और बैठक को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्हें थोड़े समय के लिए दखल देना पड़ा था।
नायडू ने कहा कि कांग्रेस नेता लोगों के उत्साह को गुस्से के रूप में पेश कर रहे हैं, जो उनकी गलत समझ को दर्शाता है।
मंत्री नारा लोकेश का बयान
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने भी जयराम रमेश पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए फर्जी वीडियो फैलाना एक वरिष्ठ नेता के लिए सही नहीं है।
उन्होंने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताया कि स्थानीय युवाओं ने नौकरी की मांग करते हुए वित्त मंत्री के भाषण में बाधा डाली थी।
लोकेश ने वीडियो फुटेज की गलत एडिटिंग और तोड़-मरोड़ की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें असल में वित्त मंत्री लोगों से सहजता से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने मांग की कि जयराम रमेश तुरंत उस झूठे ट्वीट को हटाएं, क्योंकि जानबूझकर फैलाई गई गलत जानकारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।