राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित होने के बाद ग्राम पंचायत प्रशासकों के इस्तीफे और पदमुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब ग्राम पंचायत प्रशासकों के स्वैच्छिक इस्तीफे स्वीकार करने और उन्हें पदमुक्त करने के लिए संबंधित जिला कलक्टर अधिकृत होंगे। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना और जिला कलक्टर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

ब्यावर, 15 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान, जयपुर द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के निर्देशों के तहत ग्राम पंचायत प्रशासकों के इस्तीफे स्वीकार करने और पदमुक्ति की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के 31 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत प्रशासक स्वेच्छा से इस्तीफा प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे इस्तीफे स्वीकार करने और संबंधित प्रशासक को पदमुक्त करने का अधिकार संबंधित जिला कलक्टर को दिया गया है।

वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग के 27 अगस्त 2026 के पत्र में ग्राम पंचायत प्रशासक के पद को लाभ का पद (Office of Profit) माना गया है। निर्वाचन संबंधी प्रावधानों के तहत लाभ के पद पर रहते हुए संबंधित व्यक्ति पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के लिए अर्हता नहीं रखता है। इसी प्रावधान के मद्देनजर प्रशासकों के इस्तीफे और पदमुक्ति के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस्तीफा प्रस्तुत करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत प्रशासक को जिला कलक्टर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। इसके साथ ही इस्तीफे पर संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी से हस्ताक्षर प्रमाणित करवाना अनिवार्य है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित प्रशासक की पदमुक्ति के आदेश जारी किए जाएंगे।

इस व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत प्रशासकों के स्वैच्छिक इस्तीफों की स्वीकृति और पदमुक्ति निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। व्यक्तिगत उपस्थिति और ग्राम विकास अधिकारी से हस्ताक्षर प्रमाणित कराने की अनिवार्यता इस प्रक्रिया के प्रमुख प्रावधान हैं।

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