ब्यावर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारियों और लाभार्थियों द्वारा योजना से जुड़ा प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया।   

ब्यावर में महिलाओं एवं बालिकाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना पर कार्यशाला आयोजित की गई। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘नारी चौपाल—सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज सप्ताह’ के तहत बुधवार, 14 अक्टूबर को महिला अधिकारिता विभाग की ओर से राजकीय आईटीआई कॉलेज, गणेशपुरा, ब्यावर में यह कार्यशाला हुई।

कार्यशाला में महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जगदीश चौधरी ने नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से महिलाएं एवं बालिकाएं ऋण प्राप्त कर स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकती हैं। योजना के तहत पात्रतानुसार ऋण पर 25 से 30 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है।

जगदीश चौधरी ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध बनाना है। स्वरोजगार के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं। इसके साथ ही वे अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता परिवार और समाज की प्रगति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्रकार की योजनाएं महिलाओं एवं बालिकाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने का माध्यम हैं।

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