राजस्थान के ब्यावर जिले में 250 ग्राम एमडी ड्रग्स के मामले में पुलिस ने निर्दोष व्यक्तियों को झूठे तरीके से फंसाने की साजिश का खुलासा करते हुए एक महिला सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रोफेशनल जांच में एनडीपीएस प्रकरण में फंसाने की साजिश बेनकाब हुई। साजिश में शामिल पांच षड्यंत्रकारी पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए एक दगाबाज मित्र ने ही यह साजिश रची थी। गिरफ्तार महिला पहले एक युवा उद्योगपति को गनट्रैप में फंसाने के आरोप में जेल जा चुकी है, जबकि साजिश में शामिल जोगराज पहले एनडीपीएस एक्ट में जेल जा चुका है और एक माह पूर्व ही जमानत पर बाहर आया था।

पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज, अजमेर डॉ. रवि सभरवाल के निर्देशानुसार जिला पुलिस अधीक्षक ब्यावर रतन सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्यावर डॉ. अनुकृति उज्जैनिया के निर्देशन में, वृत्ताधिकारी वृत्त जैतारण रमेन्द्रसिंह हाड़ा की निकटतम सुपरविजन में, थाना अधिकारी पुलिस थाना रास हाल बर एवं वृत्त जैतारण तथा साइबर सेल की टीम ने बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ एमडी (मेफेड्रोन) परिवहन करते हुए दो मुल्जिमानों को गिरफ्तार किए जाने के प्रकरण में साजिश का खुलासा करते हुए एक महिला सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।

घटना के अनुसार 14 अगस्त 2026 को श्री धोलाराम नि.पु. थानाधिकारी, पुलिस थाना जैतारण, जिला ब्यावर मय टीम ने नेशनल हाईवे संख्या 458 पर सरहद जैतारण में रामावास चौराहा से पहले सख्त नाकाबंदी और घेराबंदी की। इस दौरान तेज गति से आ रहे संदिग्ध वाहन बोलेरो संख्या RJ 16 UB 0456 को रुकवाया गया। बोलेरो में बैठे दोनों व्यक्ति संदिग्ध प्रतीत होने पर पूछताछ की गई। दोनों व्यक्तियों द्वारा घबराते हुए संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उनके अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने का संदेह गहराया और गहन पूछताछ की गई। दोनों व्यक्तियों ने अपने नाम मीठाराम और जोगराज बताए।

वाहन की तलाशी में 252 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी बरामद हुआ। पुलिस ने इसे जब्त कर प्रकरण संख्या 354/2026 में धारा 8/21, 25 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना जैतारण में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।

गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा अपने वाहन में मिली अवैध एमडी की भारी मात्रा के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर करने पर पुलिस अधीक्षक ब्यावर रतन सिंह ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक साक्ष्यों का विश्लेषण करने के लिए वृत्ताधिकारी वृत्त जैतारण रमेन्द्रसिंह हाड़ा को विशेष निर्देश दिए और गहन पर्यवेक्षण के निर्देश दिए। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस के साइबर सेल में दक्ष पुलिसकर्मियों की मदद से साजिश का खुलासा किया गया।

गिरफ्तार मुल्जिमों से पूछताछ के दौरान सामने आया कि मीठाराम के पास जालोर जिले में सायला क्षेत्र में हाईवे पर करीब 19 बीघा बेशकीमती जमीन है। व्यापार में साझेदार मित्रों ने उस बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए यह साजिश रची। साजिशकर्ता हड़माराम और महेन्द्र राजपुरोहित ने मीठाराम की जमीन का पहले मुख्त्यारनामा करवाया और फिर गुमराह कर बेचने का प्रयास किया। मीठाराम द्वारा नाराजगी जताने और जमीन वापस दिलाने का तकाजा करने पर उसे साथ मिलकर बिजनेस करने का झांसा दिया गया।

मीठाराम को साइड में करने के लिए महेन्द्र राजपुरोहित और हड़माराम ने अपने एक अन्य मित्र कैलाश वैष्णव, भाई पिंटू, जोगराज और एक महिला के साथ साजिश रची। महेन्द्र ने अपने परिचित जोगराज से एमडी मंगवाई और अपने भाई किरण उर्फ पिंटू को दी, जिसने मीठाराम की बोलेरो गाड़ी में सर्विस के दौरान गियर बॉक्स में एमडी का पाउच प्लांट किया। इसके बाद कैलाश ने अपनी महिला मित्र साइना को बोलकर मीठाराम से इंस्टाग्राम पर दोस्ती करवाई और जैतारण क्षेत्र में मिलने बुलाया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

सभी आरोपियों से जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल तथा अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण किया गया, जिसके आधार पर साजिश का पर्दाफाश किया गया। गिरफ्तार महिला साइना रंगरेज पूर्व में प्रकरण संख्या 136/2021 में धारा 364, 386, 343, 323, 120बी के तहत पुलिस थाना सोजतसिटी, जिला पाली में दर्ज मामले में सोजत के युवा उद्योगपति को गनट्रैप में फंसाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपी जोगराज राजपुरोहित निवासी रेवनटड़ा के विरुद्ध प्रकरण संख्या 35/2025 में धारा 8/22, 25 एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस थाना बिशनगढ़, जिला जालौर में मामला दर्ज है। प्रकरण में निर्दोष व्यक्तियों को माननीय न्यायालय से नियमानुसार रिहाई दिलाई जाएगी।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में महेन्द्र राजपुरोहित पुत्र गौरीशंकर, उम्र 43 वर्ष, निवासी रेवनटड़ा, पुलिस थाना सायला, जिला जालौर; जोगराज पुत्र कालू सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी रेवनटड़ा, पुलिस थाना सायला, जिला जालौर; हड़माराम पुत्र कानाराम, उम्र 30 वर्ष, निवासी रेवनटड़ा, पुलिस थाना सायला, जिला जालौर; कैलाश वैष्णव पुत्र भगवानदास, उम्र 46 वर्ष, निवासी जैतारण, जिला ब्यावर, हाल सुंदरनगर वैष्णव, पुलिस थाना ट्रांसपोर्ट नगर, पाली, जिला पाली; किरणकुमार सिंह उर्फ पिंटू पुत्र गौरीशंकर, उम्र 46 वर्ष, निवासी रेवनटड़ा, पुलिस थाना सायला, जिला जालौर; तथा साइना पुत्री अब्दुल मजीद रंगरेज, उम्र 23 वर्ष, निवासी राणावास स्टेशन, पुलिस थाना सिरियारी, जिला पाली शामिल हैं।

कार्रवाई में श्रीमती मंजू मुलेवा, नि.पु., थानाधिकारी पुलिस थाना बर, जिला ब्यावर; श्री गणपतराम, उनि., थानाधिकारी पुलिस थाना आ-काळू; श्री महावीरसिंह हेड कांस्टेबल 69, पुलिस थाना रास; श्री दलेल हेड कांस्टेबल 04, पुलिस थाना रास; श्रीमती बसंती हेड कांस्टेबल 03, पुलिस थाना जैतारण; श्री रामचरण ईनाणियां कांस्टेबल 408, पुलिस थाना रास; श्री जेठाराम कांस्टेबल 403, पुलिस थाना रास; श्री सुशील टोंगस कांस्टेबल 318, साइबर सेल ब्यावर, विशेष योगदान; श्री नैनासिंह कांस्टेबल 599, साइबर सेल ब्यावर; श्री करतारसिंह कांस्टेबल 401, पुलिस थाना रास; श्री सुशील कांस्टेबल 519, पुलिस थाना रास; श्री प्रह्लाद कांस्टेबल 470, पुलिस थाना जैतारण; श्री अजीतसिंह कांस्टेबल 434, पुलिस थाना रास; श्री संजय कांस्टेबल 513, पुलिस थाना रास; श्री पप्पूराम कांस्टेबल 451, पुलिस थाना आ-काळू और श्री रिछपाल कांस्टेबल 620, पुलिस थाना आ-काळू की भूमिका रही।

राजस्थान पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि जैतारण पुलिस, वृत्त जैतारण और साइबर सेल की संयुक्त जांच से 252 ग्राम एमडी बरामदगी के मामले के पीछे जमीन हड़पने के उद्देश्य से रची गई साजिश का खुलासा हुआ। मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है, जबकि प्रकरण में निर्दोष व्यक्तियों को माननीय न्यायालय से नियमानुसार रिहाई दिलाए जाने की बात पुलिस ने कही है।

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