ब्यावर में जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू, बेघर परिवारों को भी मिलेगा हक
आईटीआई संस्थान में दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, बेघरों को जोड़ने और पारदर्शी डिजिटल गणना के लिए अधिकारियों को दिए गए निर्देश।
ब्यावर में जनगणना-2027 की तैयारियों के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण में बेघर परिवारों को भी जनसंख्या गणना में शामिल किया जाएगा। गणना के दौरान किसी भी क्षेत्र या परिवार के छूटने की आशंका को खत्म करने के लिए पुराने और नए गणना ब्लॉकों का मिलान किया जाएगा। सामान्यतः 800 से 850 की आबादी पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को आईटीआई संस्थान में दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ, जिसमें नियमित एवं तकनीकी सहायकों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
उपजिला जनगणना अधिकारी एवं उपनिदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग शबनम खोरवाल की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में जिला, नगरीय और ग्रामीण चार्जों के 14 नियमित सहायकों तथा 14 तकनीकी सहायकों ने भाग लिया। निदेशालय की ओर से वाई.पी. वर्मा और चंदन सिंह को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशिक्षण के दौरान वाई.पी. वर्मा ने बताया कि जनसंख्या गणना का कार्य प्रगणक और सुपरवाइजर पीई मोबाइल ऐप के माध्यम से करेंगे। इसके लिए एंड्रॉयड-13 या उससे ऊपर के वर्जन और 8 जीबी रैम वाले मोबाइल की आवश्यकता होगी। यदि किसी गणना ब्लॉक का क्षेत्र बड़ा होता है, तो वहां अतिरिक्त प्रगणक नियुक्त किए जा सकेंगे। चार्ज स्तर पर संबंधित कार्मिकों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के लिए पाबंद किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मकान सूचीकरण के प्रथम चरण में नियुक्त प्रगणकों और सुपरवाइजरों में अनावश्यक बदलाव नहीं किए जाएंगे। पूर्व में नियुक्त किसी कार्मिक का स्थानांतरण होने पर उसके स्थान पर नया कार्मिक लगाया जाएगा। बेघर परिवारों की गणना के दौरान प्रगणकों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि गणना का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके।
प्रशिक्षक चंदन सिंह ने सीएमएमएस पोर्टल की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना के दूसरे चरण में प्रगणकों और सुपरवाइजरों की सुविधा के लिए संक्षिप्त मकान सूची (एएचएल) उपलब्ध कराई जाएगी। यह सूची मकान सूचीकरण और जनसंख्या गणना के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेगी। इसके आधार पर प्रत्येक गणना ब्लॉक में परिवारों को क्रम संख्या आवंटित की जाएगी। यह क्रम संख्या आगे होने वाले सर्वेक्षणों में भी उपयोगी होगी।
प्रशिक्षण में नियमित और तकनीकी सहायकों को प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की तकनीकी समस्याओं का समाधान करने तथा गणना ब्लॉकों का मिलान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी क्षेत्र या परिवार जनगणना से वंचित नहीं रहे और सभी निर्धारित क्षेत्रों में गणना का कार्य पूरा हो।
अधिकारियों ने बताया कि भारत की जनगणना-2027 डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। इसका उद्देश्य जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों का व्यवस्थित संकलन और सुरक्षित संचयन करना है, ताकि सरकारी योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में सटीक आंकड़ों का उपयोग किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में जनगणना का कार्य पूरा करने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का जिला स्तर पर समय-समय पर समाधान किया जाएगा।