बिजनौर के खेत के पास दिखाई दे रहा 100 किलो वजनी अजगर और वन विभाग की टीम।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में खेत के पास करीब 100 किलो वजनी विशालकाय अजगर दिखाई देने से किसानों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अजगर का आकार देखकर मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम पहुंची और उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन भारी शरीर और ताकत के चलते तीन लोग मिलकर भी उसे काबू नहीं कर सके। आखिरकार अजगर खुद को छुड़ाकर पास बह रही छोईया नदी में घुस गया और पानी में ओझल हो गया।

मामला बिजनौर जिले के जलालपुर छोईया गांव का है। रविवार शाम किसान खेतों के आसपास काम कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों की नजर सरकंडों के बीच पड़े एक विशालकाय सांप पर पड़ी। नजदीक जाकर देखने पर पता चला कि वह अजगर है। उसका विशाल आकार देखकर किसान सहम गए। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

अजगर दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी गई। इसके बाद क्षेत्रीय वनाधिकारी महेशचंद्र गौतम ने टीम को मौके पर भेजा। वन विभाग की टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ने की कोशिश शुरू की। बताया गया कि तीन लोगों ने मिलकर उसे काबू करने का प्रयास किया, लेकिन उसका भारी शरीर और ताकत चुनौती बन गई। इसी दौरान अजगर पकड़ से छूटकर रेंगता हुआ पास स्थित छोईया नदी में जा घुसा। देखते ही देखते वह पानी में ओझल हो गया।

क्षेत्रीय वनाधिकारी महेशचंद्र गौतम के मुताबिक, अजगर का वजन लगभग 100 किलो यानी एक क्विंटल रहा होगा। उन्होंने इसे जिले में अब तक दिखाई दिए सबसे स्वस्थ अजगरों में से एक बताया। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों में जिले के अलग-अलग इलाकों में रॉक पायथन प्रजाति के बड़े अजगर दिखाई देते रहे हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अजगर आमतौर पर इंसानों से दूर रहना पसंद करते हैं। वे झाड़ियों, जंगलों और पानी के आसपास के इलाकों में पाए जाते हैं। विभाग ने ग्रामीणों और किसानों से अपील की है कि खेत या आबादी के आसपास अजगर दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखें। उसे पकड़ने या छेड़ने की कोशिश न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

जलालपुर छोईया गांव में दिखाई दिया विशालकाय अजगर भले ही वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका और छोईया नदी में ओझल हो गया, लेकिन उसका करीब एक क्विंटल वजन और उसे काबू करने में आई मुश्किल ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।