भारतीय पैरा एथलीट नीरज यादव खेल के मैदान में भारत की जर्सी पहने नजर आ रहे हैं।

भारत के स्टार पैरा एथलीट और तीन बार एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके नीरज यादव की सोमवार रात मौत हो गई। 42 वर्षीय नीरज का शव दिल्ली के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास उनकी ही कार में मिला। डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके नीरज हरियाणा के सोनीपत में स्पोर्ट्स एकेडमी चलाते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। घटना के बाद नीरज को अस्पताल ले जाने वाली महिला मित्र का बयान सामने आया है, वहीं उनके रिश्तेदारों ने महिला की भूमिका की जांच की मांग की है।

पुलिस को रात करीब 12 बजकर 08 मिनट पर जीटीबी अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को इमरजेंसी विभाग में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नीरज यादव के रूप में हुई। घटना दिल्ली के मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास की है, जहां वह अपनी कार के नजदीक सड़क पर गिरे हुए मिले थे।

नीरज यादव को अस्पताल लेकर आने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि वह दिसंबर 2025 से उन्हें जानती थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने अपने बयान में कहा कि 27 अक्टूबर को वह नीरज से मिलने सोनीपत गई थी। वहां उसने नीरज को बताया कि अब वह उनके संपर्क में नहीं रह सकती। महिला के अनुसार, इसके बाद नीरज ने ही उसे अपनी गाड़ी से मौजपुर में छोड़ा था।

महिला ने बताया कि रात करीब 9 बजे वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास नीरज को देखने के लिए वापस लौटी। वहां उसने नीरज को उनकी गाड़ी के पास सड़क पर गिरा हुआ पाया। इसके बाद वह उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। महिला के बयान के बाद मामले से जुड़े घटनाक्रम और परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नीरज यादव के रिश्तेदारों ने इस घटना पर हैरानी जताई है। मीडिया से बातचीत में उनके एक रिश्तेदार ने कहा कि उन्हें उस महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जो घटना के समय नीरज के साथ थी। उन्होंने महिला की भूमिका की जांच किए जाने की मांग की। रिश्तेदार ने कहा, “उन्होंने काफी संघर्ष किया, मुश्किलों का सामना किया और खेलना जारी रखा। मेरे लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि वे ऐसा चरम कदम उठा सकते हैं।”

नीरज यादव का खेल जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से भरा रहा। उन्हें सात साल की उम्र में पोस्ट पोलियो पैरालिसिस का पता चला था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके पिता पहलवान होने के साथ-साथ वॉलीबॉल के खिलाड़ी भी थे। नीरज ने शुरुआत में व्हीलचेयर टेबल टेनिस खेला और बाद में 2015 में एथलेटिक्स में कदम रखा। वह पैरा एथलेटिक्स की एफ55 कैटेगरी में हिस्सा लेते थे और डिस्कस थ्रो के साथ जैवलिन थ्रो में भी प्रतिस्पर्धा करते थे।

नीरज यादव ने एशियन पैरा गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीते थे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उन्होंने 2028 एशियन गेम्स में भारत के लिए जैवलिन थ्रो में एशियन पैरा गेम्स का गोल्ड जीता था। वहीं, 2022 पैरा एशियन गेम्स में उन्होंने जैवलिन थ्रो के साथ डिस्कस थ्रो में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। खेल के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने के साथ-साथ वह हरियाणा के सोनीपत में स्पोर्ट्स एकेडमी भी चला रहे थे।

नीरज यादव की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी 2018 में हुई थी और उनकी तीन साल की एक बेटी भी है। उनकी मौत ने परिवार और खेल जगत को झकझोर दिया है। एक ओर उनके खेल करियर में संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की कहानी है, तो दूसरी ओर उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला मित्र के बयान और रिश्तेदारों की जांच की मांग के बीच इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं का सामने आना महत्वपूर्ण है।