गुजरात के सूरत में कुदरत का कहर: भारी बारिश के बीच एनडीआरएफ ने 85 लोगों को सुरक्षित निकाला
गुजरात के सूरत में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, एनडीआरएफ ने 85 लोगों को बचाया। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जानिए क्या है राज्य में भारी बारिश और बचाव कार्यों की ताजा स्थिति।
सूरत में एनडीआरएफ के जवान बाढ़ प्रभावित इलाके में नाव के जरिए स्थानीय लोगों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए।
गुजरात के सूरत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बुधवार को एनडीआरएफ की टीमों ने भीषण बाढ़ के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर श्रीराम नगर सोसायटी से 85 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें 36 पुरुष, 27 महिलाएं और 22 बच्चे शामिल हैं। सूरत शहर के अधिकांश हिस्से जलमग्न हो चुके हैं और संपर्क मार्ग पूरी तरह से बाधित हैं। बाढ़ की विभीषिका का यह दूसरा दिन है, जिससे हजारों लोग सड़कों पर फंस गए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन जलभराव की स्थिति के कारण हालात नियंत्रण से बाहर नजर आ रहे हैं। मानसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है।
मौसम विभाग ने गुजरात के अमरेली, भरूच, भावनगर, बोटाद, दादरा एवं नगर हवेली, दमन, डांग, दीव, गिर सोमनाथ, नर्मदा, नवसारी, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और करीब 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। वहीं, अहमदाबाद, आणंद, छोटा उदयपुर, दाहोद, जूनागढ़, खेड़ा, पंचमहल, राजकोट और सुरेंद्रनगर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सड़कों पर पानी भरने से यातायात धीमा हो गया है और दृश्यता कम होने से परिवहन सेवाएं भी बाधित हुई हैं।