एम्स दिल्ली में बड़ी भर्ती: 80 प्रतिशत से ज्यादा फैकल्टी पदों पर नियुक्ति, बढ़ेगी सेवाओं की रफ्तार

एम्स दिल्ली के सबसे बड़े भर्ती अभियान में 80% से अधिक फैकल्टी पदों पर नियुक्ति पूरी हो गई है। क्या नई नियुक्तियों से मरीजों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और कम होगा डॉक्टरों का कार्यभार? जानें भर्ती प्रक्रिया और पारदर्शिता से जुड़ी पूरी खबर।

Update: 2026-07-08 11:38 GMT

तस्वीर में दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का मुख्य भवन और वार्ड ब्लॉक दिख रहा है।

एम्स दिल्ली ने हाल के वर्षों के अपने सबसे बड़े भर्ती अभियानों में से एक के तहत विज्ञापित फैकल्टी पदों में से 80 प्रतिशत से अधिक को भर लिया है। संस्थान ने अपने मुख्य परिसर के लिए 265 विज्ञापित पदों के मुकाबले 214 उम्मीदवारों का चयन किया है, जबकि एम्स-केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल चिकित्सा विज्ञान संस्थान (CAPFIMS) परिसर के लिए 199 पदों में से 155 नियुक्तियां की गई हैं। यह भर्ती प्रक्रिया 50 से अधिक चिकित्सा और संबद्ध विशिष्टताओं में संपन्न हुई है।

यह भर्ती उस समय हुई है जब कुछ महीने पहले ही केंद्र सरकार ने संसद को सूचित किया था कि एम्स दिल्ली में फैकल्टी के 446 पद खाली पड़े हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर संसदीय स्थायी समिति ने चेतावनी दी थी कि फैकल्टी की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है और मौजूदा कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ रहा है। समिति ने कम से कम 85 प्रतिशत स्वीकृत फैकल्टी पदों को भरने के लिए समयबद्ध भर्ती अभियान की सिफारिश की थी। इन नियुक्तियों से अब मरीजों को परामर्श, सर्जरी और विशेष उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे उन विभागों में भी डॉक्टर उपलब्ध होंगे जो अब तक कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहे थे।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 27 मार्च को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया था कि एम्स दिल्ली में 1,306 स्वीकृत फैकल्टी पदों में से 446 और 13,911 गैर-फैकल्टी पदों में से 2,542 पद रिक्त थे। फिलहाल कुछ विज्ञापित पद अभी भरे जाने बाकी हैं, क्योंकि अदालती मामलों के कारण कुछ विभागों के परिणाम लंबित हैं। इन परिणामों के घोषित होने के बाद एनेस्थीसिया सबसे अधिक नियुक्तियों वाला विभाग बनकर उभर सकता है, जिसके लिए 39 पद विज्ञापित किए गए थे। अब तक घोषित परिणामों में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सबसे अधिक 20 फैकल्टी नियुक्तियां दर्ज की गई हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि CAPFIMS परिसर के लिए आठ उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर दोनों की मेरिट सूची में शामिल हैं, क्योंकि उच्च पद के लिए पात्र उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए भी आवेदन करने के योग्य थे। भर्ती प्रक्रियाएं स्वतंत्र रूप से आयोजित की गई थीं और इंटरव्यू पैनल ने गोपनीय तरीके से अंक दिए थे, जिसके कारण उच्च स्कोर पाने वाले उम्मीदवार दोनों सूचियों में आ गए। जो उम्मीदवार दोनों पदों के लिए चुने गए हैं, वे किसी एक पद का विकल्प चुनेंगे, जिससे रिक्त होने वाला स्थान मेरिट सूची में अगले पात्र उम्मीदवार को दिया जाएगा ताकि कुल भर्ती प्रभावित न हो।

छह महीने तक चली इस भर्ती प्रक्रिया में ब्लॉकचेन-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया, जिसमें ऑनलाइन आवेदन से लेकर इंटरव्यू मूल्यांकन, परिणाम प्रकाशन और नियुक्तियां तक शामिल रहीं। एम्स अधिकारियों के अनुसार, उम्मीदवारों के मूल्यांकन स्कोर को वन-टाइम पासवर्ड प्रमाणीकरण के जरिए सुरक्षित रखा गया और अंतिम मेरिट सूची पूर्व-निर्धारित एल्गोरिदम द्वारा तैयार की गई। हर मूल्यांकन को डिजिटल रूप से प्रमाणित कर एक अनुमत ब्लॉकचेन पर रिकॉर्ड किया गया, ताकि छेड़छाड़-रहित ऑडिट ट्रेल बनाया जा सके और मानवीय हस्तक्षेप कम कर पारदर्शिता बढ़ाई जा सके। चयनित फैकल्टी सदस्य विभिन्न विशिष्टताओं में रोगी देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करेंगे। अधिकारियों ने इसे हाल के वर्षों के सबसे बड़े फैकल्टी भर्ती अभियानों में से एक बताया और कहा कि प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रक्रिया ने समय पर परिणाम घोषित करने में मदद की है, जो संस्थागत शासन को आधुनिक बनाने के प्रयासों को दर्शाता है।

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