प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के 440 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट फ्रीज किए

प्रवर्तन निदेशालय ने टीएमसी के 440 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट फ्रीज कर दिए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केयरवेल एविएशन से जुड़ी हुई कड़ी और हेलीकॉप्टर-जेट खरीद का क्या है पूरा कनेक्शन? जानें इस बड़ी कार्रवाई की पूरी जानकारी।

Update: 2026-07-08 10:22 GMT

तस्वीर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आधिकारिक लोगो दिख रहा है।

कोलकाता में धनशोधन के एक मामले में तलाशी अभियान के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के 440 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट को फ्रीज करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह कार्रवाई एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।

धनशोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए की धारा 17 (1-ए) के तहत ये आदेश जारी किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह 440.42 करोड़ रुपये की राशि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के तीन निजी बैंक खातों में जमा है। ईडी ने मंगलवार को कोलकाता में पांच परिसरों पर छापेमारी की थी, जिनमें केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं। यह समूह केयरवेल एविएशन नाम से एक निजी जेट और चार्टर हायरिंग इकाई का संचालन भी करता है। कोलकाता स्थित गैर-अनुसूचित विमान ऑपरेटर ने पीटीआई के सवाल पर खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया था।

ईडी की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से लगभग 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसकी संबंधित इकाई में स्थानांतरित किए गए। कंपनी पर आरोप है कि उसने 2023 से 2026 के बीच 82.96 करोड़ रुपये एक अन्य नवगठित इकाई को भेजे। जांच में यह भी सामने आया कि इस नई इकाई में एक बड़ी राशि ट्रांसफर की गई थी, जिसमें से 112 करोड़ रुपये का उपयोग एक एम्ब्रेयर लिगेसी 600 बिजनेस जेट और एक अगस्तावेस्टलैंड 109एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में किया गया। ये दोनों विमान संपत्ति तृणमूल कांग्रेस को किराए पर दी गई थी, जिसे पश्चिम बंगाल में भाजपा ने हाल ही में सत्ता से बेदखल कर दिया है।

पिछले महीने, तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों की शिकायतों के आधार पर कोलकाता पुलिस ने पार्टी के फंड के स्रोत की जांच की मांग को लेकर इन तीन बैंक खातों में डेबिट ऑपरेशनों को फ्रीज कर दिया था। यह कार्रवाई पार्टी के खजाने पर नियंत्रण को लेकर जारी आंतरिक लड़ाई के बीच हुई है। 2 जुलाई को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी बैंक अधिकारियों को खातों में मौजूद राशि का खुलासा करने का निर्देश दिया, जिसमें बैंक खातों के डेबिट फ्रीज को चुनौती दी गई थी।

Similar News