रोहतास के गांवों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की पहल तेज, 600 से अधिक परिवारों और 1,000 बच्चों को लाभ

रोहतास के गांवों में डालमिया भारत फाउंडेशन की पहल से 600 से अधिक परिवारों और 1,000 बच्चों को स्वच्छ पेयजल मिला, जबकि जल संरक्षण के प्रयास भी तेज हुए।

Update: 2026-07-07 07:39 GMT

रोहतास के समहुता गांव में एक महिला हैंडपंप चला रही है, जबकि अन्य महिलाएं और बच्चे पास में खड़े हैं।

रोहतास जिले के कई गांवों में स्वच्छ पेयजल की कमी दूर करने की दिशा में डालमिया भारत फाउंडेशन लगातार काम कर रहा है। गांवों में वर्षों से बनी पानी की समस्या को कम करने के उद्देश्य से फाउंडेशन ने स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण से जुड़े कई कार्य किए हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों को राहत मिली है।

डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड की सीएसआर इकाई डालमिया भारत फाउंडेशन ने बकनौरा, बंजारी और समहुता ग्राम पंचायतों में हैंडपंप, आरओ वॉटर कूलर और वर्षा जल संरक्षण की सुविधाएं विकसित की हैं। पिछले तीन वर्षों में कुल 7 हैंडपंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे 600 से अधिक परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इनमें से 4 हैंडपंप केवल वर्ष 2025-26 के दौरान लगाए गए हैं, जिनसे अतिरिक्त 300 परिवारों को लाभ मिला है।

समहुता ग्राम पंचायत की लालती कुंवर ने बताया, "पहले पानी के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। अब घर के पास ही साफ पानी मिल जाता है। इससे सबसे ज्यादा राहत महिलाओं और बच्चों को मिली है।"

डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड, रोहतास सीमेंट वर्क्स के यूनिट हेड आशुतोष कुमार तिवारी ने कहा, "स्वच्छ पेयजल और जल संरक्षण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। हमारा प्रयास है कि आसपास के गांवों में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और आने वाले समय में पानी की कमी की समस्या भी कम हो।"

फाउंडेशन ने स्कूलों, पंचायत भवन, नवाडीह मदरसा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आरओ वॉटर कूलर भी स्थापित किए हैं, जिनसे 1,000 से अधिक बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा समहुता में तीन फार्म पॉन्ड बनाए गए हैं, जो वर्षा जल के संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने में सहायक बन रहे हैं। स्वच्छ पेयजल और जल संरक्षण की ये पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

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