मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया अपने कार्यालय में पुलिस वर्दी में बैठे दिख रहे हैं।

मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में उस समय हलचल मच गई, जब आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया ने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। सागर शराब कांड के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) पद से हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। सुजानिया ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए व्यक्तिगत कारणों को इस्तीफे की वजह बताया है।

अनुराग सुजानिया मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने मंगलवार को पुलिस सेवा से त्यागपत्र दिया। अब नियमानुसार उनका इस्तीफा अंतिम मंजूरी के लिए राज्य शासन को भेजा जाएगा। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

दरअसल, चार दिन पहले ही अनुराग सुजानिया को सागर जिले में पुलिस अधीक्षक के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के तौर पर पदस्थ किया गया था। यह प्रशासनिक कार्रवाई सागर जिले के बंडा कस्बे में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत के मामले के बाद की गई थी।

जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासनिक स्तर पर हुई कार्रवाई के तहत सुजानिया को सागर एसपी की जिम्मेदारी से हटाया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आई। उन्होंने अपने त्यागपत्र में किसी प्रशासनिक या अन्य कारण के बजाय व्यक्तिगत वजहों का हवाला दिया है।

फिलहाल अनुराग सुजानिया का त्यागपत्र डीजीपी के माध्यम से राज्य शासन को भेजा जा रहा है। अब उनके इस्तीफे को स्वीकार करने या नहीं करने का अंतिम फैसला राज्य सरकार की मंजूरी के बाद होगा। सागर शराब कांड के बाद एसपी पद से हटाए जाने और फिर पुलिस सेवा से इस्तीफा देने के घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चा तेज कर दी है।