महराजगंज में चक्रवात अर्नब का असर, 29-30 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। नागरिकों, किसानों और पशुपालकों को तेज हवा व बारिश के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
महराजगंज में चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव और खराब मौसम की चेतावनी दिखाई गई है
महराजगंज में चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने 29 और 30 अक्टूबर को खराब मौसम की आशंका जताई है। इन दो दिनों में बादल छाने, वर्षा, गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौसम खराब रहने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अपर जिलाधिकारी डा. प्रशांत कुमार ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और मौसम से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को आसमान में बादल छाने के साथ वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसे देखते हुए लोगों को आंधी के दौरान पेड़ों, जर्जर भवनों, होर्डिंग और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील भी की गई है।
मौसम की आशंका को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कटी हुई फसल और भूसे को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा तिरपाल से ढकने की सलाह दी है। इसके साथ ही मौसम खराब रहने के दौरान कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव नहीं करने की अपील की गई है, ताकि प्रतिकूल मौसम में कृषि कार्यों के दौरान जोखिम से बचा जा सके।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए कहा गया है। वहीं, विद्यालयों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हल्की वस्तुओं को सुरक्षित रखने तथा कमजोर संरचनाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित विभागों को संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बनाए रखने के लिए कहा गया है।
चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से लेकर किसानों, पशुपालकों और संस्थानों तक को सतर्क रहने की सलाह दी है। 29 और 30 अक्टूबर को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना और संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।