गिंजी में 7 साल की हेमावती 18 दिन से लापता, CB-CID की जांच तेज; मां को बेटी के जिंदा लौटने की उम्मीद
आलमपोंडी गांव से लापता 7 वर्षीय बच्ची का 18 दिन बाद भी सुराग नहीं, सीबी-सीआईडी ने परिजनों, स्कूल और रिश्तेदारों से पूछताछ की।
स्निफर डॉग के साथ पुलिस कर्मी विल्लुपुरम में लापता बच्ची हेमावती की तलाश करते दिख रहे हैं।
विल्लुपुरम जिले के गिंजी के पास आलमपोंडी गांव से लापता हुई 7 साल की बच्ची हेमावती का 18 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। मामले की जांच तेज करते हुए CB-CID की टीमें परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। इस बीच बच्ची की मां भवानी ने उम्मीद जताई है कि उनकी बेटी जीवित घर लौटेगी।
भवानी ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ गांव के एक शिव मंदिर में गई थीं, जहां उन्हें बताया गया कि बच्ची जीवित है और जल्द ही मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और परिवार को भरोसा दिलाया गया है कि अगले दो से तीन दिनों में कोई सकारात्मक जानकारी मिल सकती है। मालाइमलर की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार को अब जांच से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है।
मामले की जांच के लिए CB-CID ने आलमपोंडी के एक स्कूल में अस्थायी पूछताछ केंद्र बनाया है। पिछले छह दिनों से बच्ची के परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। इस दौरान बच्ची के माता-पिता, दादी, बहन, अन्य रिश्तेदारों और पड़ोसियों से सवाल-जवाब किए गए हैं।
पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले एक संदिग्ध से भी छह घंटे तक पूछताछ की, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पूछताछ से कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद जांच के दूसरे चरण में CB-CID ने बच्ची की पढ़ाई से जुड़े पहलुओं की पड़ताल शुरू की।
पुलिस उपाधीक्षक गीता और वेलमुरुगन के नेतृत्व में CB-CID की टीमों ने उस स्कूल का दौरा किया, जहां हेमावती पढ़ती थी। टीम ने स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की और शिक्षकों से बच्ची की स्कूल में गतिविधियों तथा आदतों के बारे में पूछताछ की। जांच का उद्देश्य बच्ची से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाना है।
इसके अलावा, जांच टीम तिरुवन्नामलाई जिले के किलपेनातुर स्थित उस कॉलेज भी पहुंची, जहां बच्ची की बड़ी बहन पढ़ती है। वहां उसकी बहन की सहेलियों से पूछताछ की गई। संदेह के आधार पर दो युवकों से भी सवाल-जवाब किए गए। बताया गया है कि इन पूछताछों के दौरान कुछ जानकारियां सामने आई हैं, हालांकि पुलिस ने जांच जारी रखी है।
पुलिस को यह भी पता चला है कि बच्ची के कुछ रिश्तेदार बेंगलुरु में रहते हैं। उनसे सीधे पूछताछ करने के लिए पुलिस की एक टीम बेंगलुरु भेजी गई है। जांच एजेंसी अब अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ और उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल के जरिए बच्ची के लापता होने की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
हेमावती गिंजी के पास आलमपोंडी गांव की कुलक्करई स्ट्रीट में रहने वाले वडिवेलु और भवानी की दूसरी बेटी है। वह 12 अक्टूबर की शुरुआती घंटों में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। माता-पिता की शिकायत के मुताबिक, 11 अक्टूबर को बच्ची का जन्मदिन मनाया गया था। इसके बाद आधी रात को वह घर के अंदर सो रही थी, तभी अचानक गायब हो गई। घटना के 18 दिन बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने के कारण CB-CID की जांच जारी है और परिवार को उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद बनी हुई है।