तस्वीर में अभिनेता अल्लू अर्जुन की तस्वीर वाला एचपीवी वैक्सीन जागरूकता का पोस्टर दिखाई दे रहा है।

अल्लू अर्जुन के प्रशंसकों ने सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए देशभर में HPV वैक्सीन जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर पहुंचाया है। बॉक्स ऑफिस पर सफलता के साथ दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले अल्लू अर्जुन ने खुद को पैन-इंडिया सुपरस्टार के तौर पर स्थापित किया है। देश के साथ विदेशों में भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। सुपरस्टार बनने के बाद समाज को कुछ वापस देने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए भी उन्हें सराहा जाता है।

इसी पहल के तहत अल्लू अर्जुन ने अपने अल्लू अर्जुन फैन एसोसिएशन (AAFA) के माध्यम से देशभर में HPV वैक्सीन अवेयरनेस कार्यक्रमों का समर्थन किया है। AAFA की टीम समुदायों के जमीनी स्तर तक पहुंचकर बड़े स्तर पर HPV वैक्सीन जागरूकता कार्यक्रम चला रही है।

महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सहित आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 820 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन पहलों के माध्यम से 3 लाख से अधिक लड़कियों को HPV टीकाकरण के बारे में जागरूक किया गया है।


 


AAFA की ओर से पहले महत्वाकांक्षी HPV वैक्सीन अवेयरनेस प्रोग्राम की घोषणा की गई थी, लेकिन अब यह पहल और व्यापक हो गई है। इसी क्रम में सोलापुर टीम ने भी इस प्रयास में हिस्सा लिया और सोलापुर डिस्ट्रिक्ट के निल्लकंटेश्वर हाई स्कूल में HPV वैक्सीन अवेयरनेस कार्यक्रम सफलतापूर्वक शुरू किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को HPV वैक्सीनेशन के महत्व, उसकी रोकथाम और आने वाली पीढ़ियों को HPV-रिलेटेड बीमारियों से बचाने के बारे में शिक्षित करना था।


AAFA इन प्रयासों के माध्यम से ग्रासरूट लेवल पर जागरूकता पैदा करने और अधिक समृद्ध एवं जानकारीपूर्ण भविष्य की दिशा में योगदान देने के लिए आगे बढ़ रहा है। यह पहल अल्लू अर्जुन के प्रशंसकों की जिम्मेदारी की मजबूत भावना को भी सामने लाती है, जो अपनी सामूहिक पहुंच का इस्तेमाल समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के लिए कर रहे हैं।

एसोसिएशन इस कैंपेन के जरिए HPV वैक्सीनेशन को लेकर सही और महत्वपूर्ण चर्चा को बढ़ावा देना चाहता है तथा सर्वाइकल कैंसर से बचाव के बारे में अधिक लोगों को जागरूक करना चाहता है। आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 820 कार्यक्रमों के जरिए 3 लाख से अधिक लड़कियों तक पहुंच इस अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाती है।