तस्वीर में अपना दल एस नेता आर बी सिंह पटेल पोडियम पर खड़े होकर बोलते हुए।

सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत और करीब 190 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपना दल (एस) ने इस घटना को प्रदेश सरकार के सुशासन के दावों पर गंभीर सवाल बताते हुए शासन-प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की नसीहत दी है।

भोपाल 8/9/26। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी क्षेत्रों में दूषित पानी तथा मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियों से हो रही मौतों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सागर जिले से जहरीली शराब से मौतों की खबर सामने आ गई। घटना में 22 लोगों की मौत और करीब 190 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की बात सामने आई है।

अपना दल एस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर.बी. सिंह पटेल ने कहा कि बालाघाट और सागर की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि जनहित और जनकल्याण से जुड़े मामलों में सरकार एवं प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त होकर काम करने की आवश्यकता है।

आर.बी. सिंह पटेल ने कहा कि जहरीली शराब जैसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे प्रशासनिक निगरानी और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की बढ़ती लापरवाही, उदासीनता और भ्रष्टाचार पर सरकार को सख्ती से लगाम लगाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने सरकार से मांग की कि सागर की घटना की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और अस्पतालों में भर्ती लोगों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मध्य प्रदेश प्रभारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा और जीवन की रक्षा होनी चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सागर की घटना ने स्वास्थ्य, प्रशासनिक निगरानी और जनसुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है।