तस्वीर में पहाड़ी क्षेत्र के पास सड़क पर बिखरे पत्थरों का दृश्य दिख रहा है।

उत्तराखंड में 10 से 13 सितंबर के बीच मौसम का मिजाज सक्रिय रहने वाला है। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से 09 सितंबर 2026 को 18:00 बजे जारी 7 दिनों के जनपद-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 09 सितंबर को हरिद्वार, उधम सिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा एवं नैनीताल में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछार होने की संभावना है, जबकि राज्य के शेष जनपदों में कुछ स्थानों पर ऐसा मौसम रहने की संभावना है।

10 सितंबर को हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी एवं उत्तरकाशी में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछार की संभावना है, जबकि शेष जनपदों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछार हो सकती है। 11, 12, 13 और 14 सितंबर को सभी जनपदों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछार होने की संभावना जताई गई है। 15 सितंबर को भी सभी जनपदों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा/गरज के साथ बौछार हो सकती है।

मौसम चेतावनी के अनुसार 09 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं है। 10 सितंबर को देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी दिन उत्तराखंड के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है। 11 सितंबर को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है, जबकि सभी जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है।

12 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर एवं उत्तरकाशी में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। राज्य के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है। 13 सितंबर को बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है, जबकि मैदानी जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।

10 से 13 सितंबर के दौरान भारी वर्षा और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर के चलते संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने, पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं सड़कों और राजमार्गों में अवरोध, नालों और नदियों के अतिप्रवाह तथा निचले इलाकों में जलभराव की संभावना जताई गई है। भूस्खलन संभावित संवेदनशील इलाकों के समीप रहने वाले लोगों, वाहन चालकों और यात्रियों को सावधान रहने तथा सावधानीपूर्वक यात्रा करने की सलाह दी गई है। छोटी नदियों और नालों के समीप रहने वाले लोगों व बस्तियों को भी सतर्क रहने और राज्य सरकार के अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की सलाह दी गई है।

इसी अवधि में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने से कहीं-कहीं जान-माल की हानि की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने गरज और आकाशीय बिजली के दौरान घर के अंदर रहने, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने, खेत में कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी है। लोगों को सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लेने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने को कहा गया है। गरज और आकाशीय बिजली के दौरान जानवरों को बाहर नहीं बांधने तथा वाहनों को सुरक्षित स्थान या शेल्टर पार्किंग में खड़ा करने की सलाह भी दी गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम National Flash Flood Guidance Bulletin, 09 सितंबर 2026 को 1255 HRS IST पर जारी, के अनुसार उत्तराखंड के लिए Flash Flood Risk में Area of Concern: NIL दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से काफी अधिक तक रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य रहा। पूर्वानुमान और चेतावनी किसी विशेष दिन के लिए 0830 घंटे IST से अगले दिन 0830 घंटे IST तक मान्य है।

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