पैंसठिया छंद विशेष अनुष्ठान से गूंजा आचार्य महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, साध्वीवृंद ने बताया अध्यात्म का महत्व
कालबादेवी के आचार्य महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में पैंसठिया छंद विशेष अनुष्ठान हुआ, साध्वीवृंद ने अध्यात्म, संयम और तीर्थंकर स्मरण का महत्व बताया।
मुंबई के आचार्य महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आयोजित विशेष अनुष्ठान कार्यशाला में साध्वीश्री कंचनप्रभाजी के सान्निध्य में जप करते श्रद्धालु।
मुंबई के कालबादेवी स्थित आचार्य महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के संयुक्त तत्वावधान में “विशेष अनुष्ठान-पैंसठिया छंद” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला शासन श्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी, शासन श्री साध्वीश्री मंज़ूरेखाजी एवं सहवर्ती साध्वीवृंद के पावन सान्निध्य में संपन्न हुई।
कार्यशाला का शुभारंभ शासन श्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी के मंगलाचरण से हुआ। कार्यक्रम में श्रावक समाज की अच्छी उपस्थिति रही और श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई। पैंसठिया छंद के जाप में सभी ने आनंद का अनुभव किया।
शासन श्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कहा कि तीर्थंकरों की जीवनशैली अध्यात्म प्रतिष्ठित करती है। उनके स्मरण मात्र से व्यक्ति पवित्र होता है। तीर्थंकरों का महान जीवन कषाय का उपशमन करता है तथा भक्तजीवन में समता, शांति और सौहार्द की शक्ति भरता है।
उन्होंने कहा कि अध्यात्मपरक कार्यशालाएं विनय और विवेक की प्रेरणा देती हैं तथा जीवन के असंतुलन को संयम के माध्यम से संतुलित करने का संदेश देती हैं। तीर्थंकरों का नाम हमारी पवित्र भावनाओं में सदैव समाहित रहता है। इस अवसर पर साध्वीश्री उदितप्रभाजी, निर्भयप्रभाजी एवं चेलनाश्रीजी ने भी जप किया।
कार्यशाला में फाउंडेशन अध्यक्ष श्री कुंदनमल धाकड़, मंत्री श्री लक्ष्मीलाल डागलिया, सभा अध्यक्ष देवेन्द्र डागलिया, युवक परिषद अध्यक्ष सुमित सुराणा, महिला मंडल अध्यक्षा श्री लतिका डागलिया सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी नितेश धाकड़ एवं दर्शन डागलिया ने दी।