मुंबई में गणेशोत्सव की शुरुआत में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन बदहाल सड़कों ने गणेश मंडलों और भक्तों की चिंता बढ़ा दी है। भगवान गणेश की मूर्तियों के आगमन और विसर्जन के प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से मूर्तियों को सुरक्षित मंडप तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

अगस्त महीने में ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका को गड्ढों से जुड़ी 3,704 से अधिक शिकायतें मिल चुकी हैं। ये शिकायतें बीएमसी के विभिन्न ऐप्स, हेल्पलाइन नंबर 1916 और सोशल मीडिया के जरिए दर्ज कराई गई हैं।

सड़कों की समस्या केवल गड्ढों तक सीमित नहीं है। लटकती हुई बिजली की तारें, अवैध पार्किंग, बिना जरूरत बनाए गए स्पीड ब्रेकर और ठीक से नहीं भरे गए गड्ढों के कारण बने ऊंचे-नीचे टीले भी गणेश प्रतिमाओं की आगमन यात्रा में बड़ी बाधा बन रहे हैं।

मुंबई की लगभग 2,500 किलोमीटर लंबी सड़कों में से कई अंदरूनी सड़कों की हालत बेहद खराब है। प्रशासन की ओर से सड़कों के कंक्रीट निर्माण का काम जारी होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कई जगहों पर काम अधूरा पड़ा हुआ है।

लालबाग, परेल, जोगेश्वरी, कुर्ला, कालबादेवी और मुलुंड जैसे इलाकों में आगमन और विसर्जन मार्ग पूरी तरह से गड्ढों से भरे हुए हैं। इन रास्तों से गणेश प्रतिमाओं को ले जाने के दौरान मंडलों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है।

गणेशोत्सव समन्वय समिती के अनुसार, खराब सड़कों को लेकर उनके पास रोजाना दर्जनों शिकायतें आ रही हैं। समिति ने बीएमसी प्रशासन से अपील की है कि बाप्पा के आगमन और विसर्जन से पहले इन मुख्य रास्तों की मरम्मत तुरंत और प्राथमिकता के आधार पर की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

गणेशोत्सव से ठीक पहले सड़कों की यह स्थिति प्रतिमाओं के सुरक्षित आगमन और विसर्जन को लेकर मंडलों की चिंता बढ़ा रही है। ऐसे में मुख्य मार्गों की समय पर मरम्मत की मांग तेज हो गई है।

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