आजाद मैदान को छोड़कर पूरे मुंबई में आंदोलनों पर रोक, गृह विभाग का सख्त आदेश
मुंबई में आजाद मैदान को छोड़कर आंदोलनों पर रोक, जरांगे और हाके के मोर्चों से पहले गृह विभाग ने सख्त नियम लागू किए।
मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह विभाग ने आजाद मैदान को छोड़कर शहर भर में प्रदर्शनों पर पाबंदी लगा दी है।
मुंबई में मराठा और ओबीसी आरक्षण आंदोलनों को देखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाया है। गृह विभाग ने आपातकालीन अधिसूचना जारी कर आजाद मैदान को छोड़कर मुंबई के किसी भी अन्य इलाके में धरना, प्रदर्शन, जुलूस या सार्वजनिक सभा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
आदेश के तहत आजाद मैदान में भी आंदोलन के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं। अब यहां केवल एक दिन और निर्धारित समय सीमा में ही प्रदर्शन की अनुमति होगी। मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने 29 अगस्त से मुंबई में आंदोलन का आह्वान किया है, जबकि ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने 1 सितंबर को मुंबई में विशाल मोर्चा निकालने की घोषणा की है।
इन दोनों बड़े आंदोलनों के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए गृह विभाग ने यह फैसला लिया है। नए नियमों के अनुसार आजाद मैदान में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही आंदोलन करने की अनुमति होगी।
शनिवार, रविवार और किसी भी सरकारी छुट्टी के दिन आजाद मैदान में प्रदर्शन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। गृह विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक मैदान में एक समय में अधिकतम 5 हजार प्रदर्शनकारी ही मौजूद रह सकेंगे।
आंदोलन के दौरान ट्रैक्टर, बैलगाड़ी, भारी वाहन, लाठी, तलवार या लाउडस्पीकर लाने पर सख्त मनाही रहेगी। इसके अलावा आजाद मैदान में किसी भी तरह का तंबू या मंडप लगाने की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित समय समाप्त होने पर प्रदर्शनकारियों के लिए मैदान खाली करना अनिवार्य होगा।
मराठा और ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रस्तावित दोनों आंदोलनों के बीच गृह विभाग के इस आदेश से मुंबई में प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर व्यापक प्रतिबंध लागू हो गया है।