मुंबई में कचरा प्रबंधन और नदी सफाई पर जोर, 2028 तक शुरू होंगे सात नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
मुंबई में कचरा प्रबंधन, मलबे के परिवहन और निपटारे की निगरानी के लिए बीएमसी ने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। 231 संवेदनशील स्थानों की सफाई, मीठी नदी के पुनरुद्धार और 2028 तक सात नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करने की योजना पर काम तेज हुआ।
मुंबई। मुंबई में कचरा प्रबंधन, गंदे पानी के उपचार और मीठी नदी के पुनरुद्धार की योजनाओं को गति देने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने नई व्यवस्थाओं पर काम तेज कर दिया है। राज्य की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने बीएमसी की इन विकास परियोजनाओं और नई तकनीकों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कचरा प्रबंधन और नदी की सफाई के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को बीएमसी मुख्यालय में आयोजित विशेष समीक्षा बैठक में शहर की स्वच्छता, निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के निपटारे, कचरे से बिजली बनाने की परियोजनाओं और गंदे पानी के उपचार की व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के व्यवस्थित निपटारे के लिए बीएमसी ने ‘मुंबई डेब्रिज कंट्रोल एंड ट्रैकिंग सिस्टम’ नाम से ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस प्रणाली के माध्यम से मलबे के परिवहन और निपटारे पर निगरानी रखी जा सकेगी। अब तक 255 से अधिक संस्थान इस पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं।
शहर में कचरा जमा होने वाले 231 संवेदनशील स्थानों की सफाई और कचरे से बिजली बनाने की परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। इन प्रयासों के साथ मुंबई में गंदे पानी के उपचार की क्षमता बढ़ाने के लिए बीएमसी ने वर्ष 2028 तक सात नए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन संयंत्रों के माध्यम से गंदे पानी का उपचार कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम किया जाएगा।
मीठी नदी के पुनरुद्धार के लिए भी चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। कचरा प्रबंधन, सीवेज उपचार और नदी की सफाई से जुड़ी इन पहलों की समीक्षा के दौरान पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने अधिकारियों से कार्यों में तेजी लाने को कहा।
पंकजा मुंडे ने मुंबई के नागरिकों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की। उन्होंने लोगों से घरों में ही सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करने तथा उसे बीएमसी कर्मचारियों को सौंपने का आग्रह किया। प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने मुंबई को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सामूहिक सहयोग पर जोर दिया।