मुंबई: चेंबूर में पेड़ गिरने से बच्चे की मौत, बीएमसी कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
चेंबूर के डायमंड गार्डन इलाके में हुए हादसे के बाद बीएमसी कमिश्नर ने उच्च स्तरीय समिति गठित की; लापरवाह अधिकारी निलंबित।
चेंबूर पश्चिम के डायमंड गार्डन इलाके में एक स्कूल बस पर भारी पीपल का पेड़ गिरने से 11 वर्षीय मासूम विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने तत्काल सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे को बेहद गंभीर मानते हुए बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने के आदेश जारी किए हैं। प्राथमिक जांच में लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि हादसे के लिए जिम्मेदार कांट्रैक्टर के खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीएमसी की इस त्वरित कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने विशेष अभियांत्रिकी उपायुक्त पुरुषोत्तम मालवदे और अभियांत्रिकी उपायुक्त शशांक भोरे की सदस्यता वाली विशेष समिति को पूरे मामले की गहराई से जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति को अगले आठ दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि समिति न केवल हादसे के कारणों की विस्तृत जांच करेगी, बल्कि भविष्य में मुंबई में इस प्रकार की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों से परामर्श लेकर आवश्यक सिफारिशें भी प्रस्तुत करेगी।
दुर्घटना का शिकार हुआ पीपल का पेड़ लगभग 60 से 70 वर्ष पुराना था। प्रशासन के अनुसार इस पेड़ को लेकर पहले कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। मानसून पूर्व तैयारियों के तहत 29 मई 2026 को इसकी छंटनी भी की गई थी, लेकिन सड़क के कंक्रीटीकरण और अन्य सिविल कार्यों के कारण इसकी जड़ों के कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।
बीएमसी के उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में मुंबई में 468 मृत और खतरनाक पेड़ों को हटाया गया, जबकि एक लाख से अधिक पेड़ों की छंटनी की गई। इसके बावजूद पिछले वर्षों में भी सैकड़ों पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी को देखते हुए बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे ने पूरे मुंबई महानगर में खतरनाक पेड़ों की नए सिरे से जांच कराने और समयबद्ध छंटनी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके और बेकसूर नागरिकों की जान सुरक्षित रखी जा सके।