चेम्बूर में गुरुपूर्णिमा पर तेरापंथ स्थापना दिवस समारोह, साध्वी निर्वाणश्री ने किया गुरु परंपरा का वंदन
चेम्बूर तेरापंथ भवन में गुरुपूर्णिमा और तेरापंथ स्थापना दिवस समारोह आयोजित हुआ, जहां साध्वी निर्वाणश्री ने गुरु परंपरा का वंदन किया।
मुंबई के चेम्बूर स्थित तेरापंथ भवन में आयोजित समारोह के दौरान मंच पर माइक के समक्ष गीतों की प्रस्तुति देतीं साध्वियां।
मुंबई के चेम्बूर तेरापंथ भवन में युगप्रधान आचार्य महाश्रमण की विदुषी सुशिष्या साध्वी निर्वाणश्री के पावन सान्निध्य में गुरुपूर्णिमा एवं तेरापंथ स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह में गुरु परंपरा के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव व्यक्त करते हुए धर्म एवं संस्कारों के महत्व पर विचार रखे गए।
समारोह को संबोधित करते हुए विदुषी साध्वी निर्वाणश्री ने कहा कि गुरुपूर्णिमा के इस पावन पर्व पर वह हमारी गुरु परंपरा को श्रद्धा और भक्ति से प्रणाम करती हैं। उन्होंने कहा कि यह पवित्र दिन केलवा की धरती पर नए धर्मशासन के उदय का साक्षी बन गया। आचार्य भिक्षु ने इस युग को ऐसा अवदान दिया है, जो अद्वितीय है।
प्रबुद्ध साध्वी डा. योगक्षेमप्रभा ने अपने वक्तव्य में कहा कि संसार में ऐसे गुरुओं की कोई कमी नहीं है जो शिष्य के वित्त का हरण करते हैं और उनसे दान-दक्षिणा पाकर प्रसन्न रहते हैं। किंतु ऐसे गुरु विरले होते हैं, जो शिष्यों के चित्त को प्रसन्न करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत वर्षावास स्थापना के अनुष्ठान पूर्वक की गई। इस अवसर पर साध्वी मधुरप्रभा ने 'करें हम भिक्षु को वंदन' गीत की प्रस्तुति दी। तेरापंथ महिला मंडल की बहनों ने 'स्थापना दिवस' गीत का संगान किया।
समारोह में अणुव्रत समिति, मुंबई के मंत्री गणपत सोनी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। साध्वीवृंद ने समवेत स्वरों में गीतों की प्रस्तुति देकर भवन को गुंजायमान कर दिया। साध्वी मुदितप्रभा ने श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन करवाया। संघ गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।