तस्वीर में एक कर्मचारी वाटर जेटिंग पाइप से मुंबई की सड़क की सफाई कर रहा है।

मुंबई। मानसून खत्म होने और ठंड की शुरुआत के साथ मुंबई में धूल और वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगी है। बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बीएमसी एक्शन मोड में आ गई है। बीएमसी आयुक्त के निर्देशों के बाद प्रशासन ने मुंबई की सड़कों की पानी से सफाई कराने का फैसला किया है। इसके तहत आगामी 150 दिनों तक शहर और उपनगरों की प्रमुख सड़कों को हाई प्रेशर वाटर जेटिंग और पानी के टैंकरों से रोज धोया जाएगा।

इस अभियान के लिए बीएमसी ने सात अलग-अलग जोन में ठेकेदारों की नियुक्ति की है। इस पूरी व्यवस्था पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुंबई में तेजी से चल रहे कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स, इमारतों के पुनर्विकास, वाहनों के धुएं और औद्योगिक गतिविधियों के कारण हवा में धूल के कण लगातार बढ़ रहे हैं। धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक रास्तों की नियमित धुलाई को सबसे कारगर उपाय माना जा रहा है।

बीएमसी ने मुंबई के 26 प्रशासनिक वार्डों में कुल 677 किलोमीटर लंबे 377 प्रमुख रास्तों को इस सफाई अभियान के लिए चिह्नित किया है। इन सड़कों की सफाई के लिए 2 हजार, 5 हजार और 10 हजार लीटर क्षमता वाले पानी के टैंकरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

अभियान का मुख्य लक्ष्य सड़कों पर जमा होने वाली धूल को हवा में उड़ने से रोकना है, ताकि नागरिकों को साफ हवा मिल सके। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सभी सात जोन में नियुक्त ठेकेदारों के काम पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। 150 दिनों तक चलने वाला यह अभियान मुंबई की प्रमुख सड़कों से धूल प्रदूषण नियंत्रित करने की बीएमसी की बड़ी कवायद होगी।

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