तस्वीर में बोराडी के कॉलेज परिसर में पारंपरिक वेशभूषा और साड़ियों में नजर आ रहे डी. फार्मसी, बी. फार्मसी और एम. फार्मसी के विद्यार्थी।

बोराडी। किसान विद्या प्रसारक संस्था संचालित इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एज्युकेशन, बोराडी में विश्व आदिवासी दिवस और क्रांति दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में डी. फार्मसी, बी. फार्मसी और एम. फार्मसी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को प्रस्तुत करते हुए आदिवासी वेशभूषा में सहभागिता की तथा आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पारंपरिक ढोल की ताल पर महाविद्यालय परिसर में रैली भी निकाली गई।

विश्व आदिवासी दिवस के औचित्य पर प्रा. विजय पावरा ने विश्व आदिवासी दिवस की स्थापना, उसके उद्देश्य तथा विभिन्न उपक्रमों के बारे में विद्यार्थियों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया। संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्देशानुसार आदिवासी सुईणी के सम्मान के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के पास मौजूद पारंपरिक ज्ञान को आधुनिकता से जोड़कर उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रयास करना चाहिए।

क्रांति दिवस के अवसर पर डॉ. सचिन एस. महाजन ने क्रांति दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विकास व्ही. पाटील, उपप्राचार्य डॉ. कल्पेशकुमार एस. वाघ सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के आयोजन और विद्यार्थियों की सहभागिता की किसान विद्या प्रसारक संस्था के अध्यक्ष एवं धुले जिला परिषद के मा. अध्यक्ष डॉ. तुषार रंधे, सचिव निशांत रंधे, खजिनदार आशाताई रंधे, बोराडी के उपसरपंच राहुल रंधे, कर्मवीर पथसंस्था के चेयरमन शशांक रंधे तथा नगरसेवक रोहीत रंधे ने सराहना की।

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