तस्वीर में बाएं से दाएं: एक व्यक्ति, पी. डी. रणदिवे, वसंत विष्णु लोंढे को पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए और एक महिला नजर आ रही हैं।   

शिवराज विद्यालय, मुरगूड की पहली बैच के विद्यार्थी वसंत विष्णु लोंढे के सम्मान का अनोखा समारोह कुरणी में आयोजित किया गया। 1960 में स्थापित विद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले लोंढे आज भी शिक्षा से जुड़े संस्कारों और सामाजिक योगदान की भावना को आगे बढ़ा रहे हैं।

चिमगांव निवासी अध्ययनशील और आध्यात्मिक व्यक्तित्व वसंत विष्णु लोंढे का शाल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर “विद्याधन दे हमें, एक छंद एक ध्यास; नाम ले जाएं पहली तीरी, दया सागर ज्ञानमंदिरा...” विचार के माध्यम से शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताया गया।

वसंत लोंढे के पौत्र प्रतीक विश्वास लोंढे ने वर्ष 2025 की एसएससी बोर्ड परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उन्होंने गणित विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए और कोल्हापुर संभाग में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर पी. डी. रणदिवे ने वसंत लोंढे का सम्मान करते हुए उनके शैक्षणिक और सामाजिक योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में विश्वास लोंढे भी उपस्थित रहे।

शिवराज विद्यालय की पहली पीढ़ी के विद्यार्थी रहे वसंत लोंढे का यह सम्मान केवल एक व्यक्ति के सम्मान तक सीमित नहीं रहा। यह शिक्षा के संस्कारों, पुरानी स्मृतियों और समाज के लिए कुछ करने की निस्वार्थ भावना के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।

जिस ज्ञानमंदिर की दहलीज पर कदम रखकर वसंत लोंढे ने शिक्षा की राह अपनाई, उसी ज्ञानमंदिर के विचारों की ज्योति आज भी उनके मन में प्रज्वलित है। इसी निरंतर जुड़ाव ने उनके सम्मान समारोह को एक अनोखा अवसर बना दिया।

फोटो : शिवराज विद्यालय, मुरगूड की पहली बैच के विद्यार्थी वसंत विष्णु लोंढे का शाल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान करते हुए पी. डी. रणदिवे। साथ में विश्वास लोंढे।

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