तस्वीर में समुद्रपूर में आयोजित सामुदायिक प्रार्थना के दौरान भजन-कीर्तन करते हुए नागरिक नजर आ रहे हैं।   

समुद्रपूर में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों का समाज में प्रसार करने, नागरिकों में एकता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव बढ़ाने के उद्देश्य से हर शनिवार सामुदायिक प्रार्थना आयोजित करने के उपक्रम की शुरुआत की गई है।

इस उपक्रम के तहत पहली सामुदायिक प्रार्थना कमलाकर भुरे के घर पर भक्तिमय वातावरण में आयोजित की गई। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों का स्मरण करते हुए सामुदायिक प्रार्थना में सहभागिता की।

राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने ग्राम विकास, स्वच्छता, सामाजिक एकता, नशामुक्ति और राष्ट्रनिर्माण का संदेश समाज को दिया। उनके विचारों को आज की पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के उद्देश्य से इस उपक्रम का आयोजन किया गया है।

उपक्रम के तहत प्रत्येक शनिवार इच्छुक नागरिकों के घर पर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज की सामुदायिक प्रार्थना आयोजित की जाएगी। जिन नागरिकों को अपने घर पर प्रार्थना आयोजित करनी है, उनसे इस उपक्रम में सहभागी होकर पहल करने का आह्वान किया गया है। घर-घर प्रार्थना के माध्यम से राष्ट्रसंत के विचारों का प्रसार हो, नागरिकों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो तथा समाज में एकता और सद्भाव बढ़े, यही इस उपक्रम का मुख्य उद्देश्य है।

इस उपक्रम को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। आगामी समय में समुद्रपूर क्षेत्र के अधिक से अधिक नागरिक सामुदायिक प्रार्थना में सहभागी हों, ऐसी अपेक्षा व्यक्त की गई है।

सामुदायिक प्रार्थना में शंकर आत्राम, राजेन्द्र जिकार, मनीष आत्राम, मदन बेतवार, नानाजी राऊत, पद्माकर ठाकरे, लक्ष्मण पालेकर, राजू उचले, कमलाकर भुरे, रजत भुरे, अस्मिता जिकार और राधिका उचले उपस्थित रहे।

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