वाघिन की दस्तक से शिरपुर-धोंडगांव में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
समुद्रपुर के शिरपुर और धोंडगांव में खेतों के बीच वाघिन की गतिविधियों से दहशत, वन विभाग ने गश्त और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई।
तस्वीर में वन विभाग की टीम खेतों और जंगली इलाके में गश्त करती हुई नजर आ रही है।
समुद्रपुर के गिरड वनपरिक्षेत्र अंतर्गत शिरपुर और धोंडगांव के खेतों में वाघिन की लगातार गतिविधियां सामने आने से किसानों और ग्रामीणों में डर का माहौल है। वाघिन की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण शुरू कर दिया है और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
उपवनसंरक्षक हरविर सिंह और सहायक वनसंरक्षक हरीश सरोदे के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्र अधिकारी स्वप्निल ढोणे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। विभाग की विभिन्न टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और वाघिन के पंजों के निशान समेत अन्य गतिविधियों के संकेतों का पता लगा रही हैं।
वाघिन की गतिविधियां वास्तव में किस क्षेत्र में हैं, इसका पता लगाने के लिए वन विभाग की ओर से आसपास के इलाके पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। कुछ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। वन विभाग की ओर से अनुमान जताया जा रहा है कि यह वाघिन संभवतः जंगल छोड़कर भटकते हुए इस क्षेत्र में पहुंची हो सकती है।
वन विभाग वाघिन की प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी रख रहा है। विभाग ने किसानों और नागरिकों से खेतों में अकेले नहीं जाने तथा रात के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही, कहीं भी वाघिन दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग से संपर्क करने का आह्वान किया गया है।
गिरड के क्षेत्र सहायक जी. पी. राऊत, वनरक्षक पी.डी. बेले, कल्याणी गोंडाने, कोंडबा गुंडापा, अमोल पिसे, संतोष पटले, सोपान कामतवार सहित वन विभाग के कर्मचारी क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। वाघिन की गतिविधियों पर वन विभाग की निगरानी के बीच शिरपुर और धोंडगांव के खेतों में काम करने वाले किसानों तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।