समुद्रपुर के पवनगाव क्षेत्र में हमलावर बाघिन जेरबंद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
पिछले 18 दिनों से दहशत का कारण बनी बाघिन को वन विभाग की टीम ने तड़के पकड़ा; क्षेत्र में मौजूद एक अन्य बाघ की तलाश जारी।
तस्वीर में समुद्रपुर के पवनगाव क्षेत्र में विधायक समीर कुणावार वन विभाग की टीम के साथ खड़े हैं।
समुद्रपुर के पवनगाव (करूळ) क्षेत्र में पिछले 18 दिनों से दहशत का कारण बनी हमलावर बाघिन को आखिरकार वन विभाग ने जेरबंद कर लिया। मंगलवार (29 सितंबर) तड़के करीब साढ़े पांच बजे वन विभाग की टीम को बाघिन को पकड़ने में सफलता मिली। इसके बाद क्षेत्र के किसान, खेत मजदूर और नागरिकों ने राहत की सांस ली। विधायक समीर कुणावार ने मौके पर पहुंचकर वन विभाग की टीम का अभिनंदन किया।
8 सितंबर को पवनगाव निवासी विशाल मून पर बाघिन ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद 9 सितंबर को फसल सर्वेक्षण के लिए गए दो लोगों पर भी बाघिन ने हमला करने का प्रयास किया। लगातार हुई घटनाओं के कारण पवनगाव सहित आसपास के क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था। ग्रामीण लगातार हमलावर बाघिन को तत्काल जेरबंद करने की मांग कर रहे थे।
इस बीच विधायक समीर कुणावार ने वन मंत्री गणेश नाईक से फोन पर संपर्क कर बाघिन को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने युद्धस्तर पर तलाश अभियान शुरू किया। उपवनसंरक्षक हरविर सिंग के मार्गदर्शन में सहायक वनसंरक्षक हरीष सरोदे और वनपरिक्षेत्र अधिकारी स्वप्निल ढोणे के नेतृत्व में टीम ने लगातार प्रयास किए।
बाघिन के आवागमन वाले मार्गों पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन वह बार-बार अपना स्थान बदलकर वन विभाग की टीम को चकमा दे रही थी। बाघिन जिस क्षेत्र में रह रही थी, वहां नाला और खेत-शिवार होने के कारण उसे पकड़ना वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ था।
विधायक समीर कुणावार पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए थे और समय-समय पर वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ले रहे थे। बाघिन के जेरबंद होने की जानकारी मिलते ही विधायक समीर कुणावार पवनगाव पहुंचे और मौके पर वन विभाग की टीम से मुलाकात कर उनके काम की सराहना करते हुए अभिनंदन किया।
इस अभियान में मानद वन्यजीव रक्षक कौस्तुभ गावंडे, प्रणव जोशी, डॉ. मेघराज तुलावी, प्रणित सुर, अभिषेक खेडुलकर, पीपल्स फॉर एनिमल्स वर्धा, क्षेत्रसहायक चौधरी, क्षेत्रसहायक डेहनकर, वनरक्षक हिवरकर, लोमेश गोहन, पिसे, रमेश चौके, समीर वाघ, शशिकांत शेंदरे, पटेल, वादले, रोशन उईके, रोशन कुत्तमारे सहित आरआरटी और समुद्रपुर वनपरिक्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
पवनगाव क्षेत्र में एक अन्य बाघ की मौजूदगी के कारण वन विभाग के सामने चुनौती अभी भी कायम है। ग्रामीणों की मांग है कि इस बाघ का भी बंदोबस्त कर क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
विधायक समीर कुणावार ने कहा कि पिछले 6 महीनों में वन विभाग की टीम ने सराहनीय काम किया है। किसी अनुचित घटना के घटित होने से पहले ही टीम ने सतर्कता बरतते हुए अब तक गिरड क्षेत्र में 2 बाघ, शिवणफळ क्षेत्र में 1 और पवनगाव शिवार में 1, इस तरह कुल 4 बाघों को बड़ी कुशलता से पिंजरे में पकड़कर किसानों और नागरिकों को राहत दी है। इन 4 बाघों को पकड़ने की अनुमति प्राप्त करने के लिए उन्होंने वन मंत्री गणेश नाईक से समय-समय पर संपर्क किया और मंत्री ने अनुमति दिलाई, यह बात उनके लिए बेहद खुशी की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों की सुरक्षा ही उनका प्रथम कर्तव्य है।