तस्वीर में ग्राम पंचायत पदाधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं।

समुद्रपुर। एक ओर इस वर्ष कम बारिश के कारण जाम गांव में भविष्य में भीषण पानी की कमी की आशंका बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2022-23 में मंजूर जल जीवन मिशन की योजना तीन साल बाद भी अधूरी पड़ी है। योजना का काम समय पर पूरा नहीं होने से ग्रामपंचायत पदाधिकारी आक्रामक हो गए हैं और उन्होंने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर काम पूरा कराने की मांग की है।

नागपुर-हैदराबाद राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित और पूरे देश में पहचान रखने वाले जाम गांव में कई वर्षों से गर्मी के मौसम में पानी के लिए ग्रामीणों को भटकना पड़ता है। जाम में जल जीवन मिशन के तहत पाणी पुरवठा योजना वर्ष 2022-23 में मंजूर हुई थी और उसी समय काम का वर्क ऑर्डर भी जारी किया गया था। तीन वर्ष पूरे होने के बावजूद मंजूर योजना का आधा काम भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।

इस संबंध में जिला परिषद और संबंधित विभाग को ग्रामपंचायत की ओर से कई निवेदन दिए गए, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले वर्ष पाइपलाइन का काम शुरू किया गया था, लेकिन आधा काम करने के बाद ठेकेदार ने दोबारा काम बंद कर दिया। इस वर्ष अप्रैल महीने से योजना का काम पूरी तरह बंद है। इसे लेकर ग्रामपंचायत पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर निवेदन सौंपा और नागरिकों की पानी की समस्या दूर करने के लिए काम तत्काल पूरा कराने की मांग की।

जल जीवन मिशन योजना के तहत जाम गांव में नई पानी आपूर्ति विहीर, मोटर पंप, स्विच रूम, 5 किलोमीटर पाइपलाइन, 1,35,000 लीटर क्षमता की पानी टंकी, पानी शुद्धीकरण केंद्र, पानी आपूर्ति योजना के लिए सोलर व्यवस्था तथा गांव में बढ़ी हुई पाइपलाइन सहित अन्य काम शामिल हैं। हालांकि अभी तक केवल पानी आपूर्ति विहीर का काम पूरा हुआ है। पानी की टंकी का काम अधूरा है और मुख्य पाइपलाइन का 2.5 किलोमीटर काम बाकी है। अन्य कार्यों की शुरुआत तक नहीं हुई है।

ग्रामपंचायत जाम में हर वर्ष मार्च महीने से भीषण पानी की किल्लत रहती है। इस वर्ष अलनिनो के प्रभाव के कारण मौजा जाम में बारिश के मौसम में बहुत कम बारिश हुई है। ऐसे में इस वर्ष 15 नवंबर 2026 से पानी की कमी पैदा होने की संभावना जताई गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गांव की आबादी 3,604 थी, जबकि वर्तमान में आबादी करीब 6,000 है।

हर वर्ष पानी की किल्लत के दौरान गांव में तीन विहीर अधिग्रहित की जाती हैं, इसके बावजूद भीषण पानी की समस्या बनी रहती है। ग्रामपंचायत पदाधिकारियों के अनुसार मंजूर जल जीवन मिशन योजना का काम पूरा होने पर गांव की भीषण पानी की समस्या से निजात मिल सकती है।

31 अगस्त 2026 की ग्रामसभा में भी ग्रामस्थों ने जल जीवन मिशन योजना के अधूरे काम को लेकर ग्रामपंचायत को घेरा था। इसके बाद अब ग्रामपंचायत ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जल जीवन मिशन योजना का काम नवंबर 2026 तक यानी दो महीने में पूरा कराया जाए, ताकि दिसंबर 2026 से योजना के माध्यम से गांव में सुचारु पानी आपूर्ति शुरू हो और जाम गांव को पानी की किल्लत से मुक्त किया जा सके।

जिलाधिकारी को दिए गए निवेदन के दौरान सरपंच लताताई कुडमते, उपसरपंच अभिलाष गिरडकर, सदस्य तथा माजी सरपंच सचिन गावंडे, सदस्य सनी निवटे, आदेश धाबर्डे, प्रफुल्ल चौखे, रोहिणी दाभणे, पुनम चव्हाण, पुजा धाबर्डे, सुनिता मेश्राम तथा रामु मडावी सहित अन्य उपस्थित थे।

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