तस्वीर में ब्रिलियंट स्कूल, समुद्रपुर में आयोजित रानभाजी प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी और शिक्षक नजर आ रहे हैं。   

समुद्रपुर स्थित ब्रिलियंट स्कूल में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को रानभाजी प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न रानभाजियों को प्रदर्शित करते हुए उनकी पहचान, पोषणमूल्य और पारंपरिक उपयोग की जानकारी प्रस्तुत की।

प्रदर्शन में विद्या विकास कॉलेज, समुद्रपुर के प्राचार्य श्री मेघश्याम ढाकरे और ब्रिलियंट स्कूल, समुद्रपुर के प्राचार्य श्री अजय बुल्हे उपस्थित रहे। कक्षा 1 से 7 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न रानभाजियां प्रदर्शित कीं। इनमें आघाडा, अंबाडी, तांदुळजा, चाकवत, माठ, घोळ, मायाळू, शेवगा, करडई, केना, काटवल, गुळवेल और अळू के पत्ते शामिल थे।

विद्यार्थियों ने प्रत्येक रानभाजी की पहचान, उसके पाए जाने का स्थान, खाने योग्य भाग, पोषणमूल्य और पारंपरिक उपयोग की जानकारी देने वाले आकर्षक चार्ट भी तैयार किए थे। प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने आसपास की प्राकृतिक संपदा और पारंपरिक खाद्य संस्कृति से परिचित कराना, पौष्टिक रानभाजियों के प्रति स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करना तथा जानकारी संकलन, निरीक्षण, प्रस्तुतीकरण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना स्कूल का प्रमुख उद्देश्य था।

प्रदर्शन का अवलोकन करते हुए श्री मेघश्याम ढाकरे ने विद्यार्थियों के इस उपक्रम की सराहना की। विद्यार्थियों ने रानभाजियों से संबंधित जानकारी उत्साहपूर्वक प्रस्तुत की।

प्रदर्शन के सफल आयोजन में स्कूल की शिक्षिकाओं मोनाली झाडे, पायल चिकने, प्रांजली हिवरे, स्नेहा जांगळेकर, प्रणाली दुरबुडे, अस्मिता ढगे, आचल ढोक और आरजू पठाण तथा शिक्षकेतर कर्मचारी सुनंदा गिरोले, मंजुषा कोळसे और अपर्णा धोटे ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक खाद्य संस्कृति और रानभाजियों के पोषणमूल्य को समझने का अवसर प्राप्त किया।

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