चंद्रपूर बैंक की कोरपणा शाखा में स्व. एडवोकेट बाबासाहेब वासाडे को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
कोरपणा बैंक शाखा में सहकार महर्षि स्व. बाबासाहेब वासाडे की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ, उनके सहकार कार्यों को याद किया गया।
तस्वीर में चंद्रपूर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की शाखा के सामने लोग श्रद्धांजलि अर्पित करते नजर आ रहे हैं।
20 सितंबर 2026 को कोरपणा स्थित चंद्रपूर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की शाखा में सहकार महर्षि स्व. एडवोकेट बाबासाहेब वासाडे की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर सहकार सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थितों ने स्व. बाबासाहेब वासाडे की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
यह कार्यक्रम चंद्रपूर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष मा. श्री. रवींद्रजी शिंदे, उपाध्यक्ष मा. संजयजी डोंगरे, मानद सचिव श्री. मा. आवेश पठाण, संचालक तथा राजुरा विभागीय कर्ज समिति अध्यक्ष श्री. मा. उल्हास करपे और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश्वर कल्याणकर की संकल्पना से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंक के संचालक मा. श्री. विजयराव बावणे ने की। विशेष अतिथि के रूप में श्री. डॉ. भास्करराव मुसळे, सेवा सहकारी संस्था के सचिव श्री हेमंतजी लोडे तथा शाखा के प्रभारी शाखा प्रबंधक श्री. एम. बी. मुसळे उपस्थित रहे।
मार्गदर्शन करते हुए श्री विजयराव बावणे ने कहा कि स्व. एडवोकेट बाबासाहेब वासाडे ने चंद्रपूर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद का दायित्व संभालते हुए सहकार क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कार्य किया। ग्रामीण क्षेत्र के किसानों और आम लोगों की आर्थिक उन्नति के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। किसानों को साहूकारी के चंगुल से मुक्त कराने के साथ खरीफ और रबी मौसम के लिए समय पर तथा कम ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
उन्होंने आगे कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए स्व. वासाडे ने नई शाखाएं खोलने को प्राथमिकता दी। विभिन्न कार्यकारी सेवा संस्थाओं के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने पारदर्शी और नैतिक प्रशासन का आदर्श स्थापित किया। कृषि पूरक व्यवसाय, महिला बचत समूहों और स्थानीय उद्योगों को आर्थिक प्रोत्साहन देकर उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी। उनके समर्पित कार्य के कारण ही उन्हें 'सहकार महर्षि' के रूप में जाना जाता है।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि और स्व. बाबासाहेब वासाडे के निकटवर्ती मित्र डॉ. भास्करराव मुसळे ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि बाबासाहेब की सहकार क्षेत्र में दूरदृष्टि और सिद्धांतों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए उनके विचारों की मशाल जलाए रखना और उनके द्वारा खड़े किए गए सहकार के ढांचे को और मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के दौरान शाखा के प्रभारी प्रबंधक महेश मुसळे ने स्वर्ण ऋण, चारपहिया वाहन ऋण, संपत्ति गिरवी ऋण, महिला सशक्तीकरण के लिए महिला बचत समूह ऋण, गृह ऋण, महिलाओं के लिए विशेष सुगम ऋण योजना तथा आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं के लिए सुगम ऋण योजना की जानकारी दी। उन्होंने बैंक की विभिन्न जमा योजनाओं पर आकर्षक ब्याज दरों के संबंध में भी मार्गदर्शन किया। समूह सचिव श्री लोडे साहेब ने फसल ऋण और फसल बीमा के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन कुमारी कुंतल चव्हाण ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कुमारी दीक्षा चन्ने ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शाखा के कर्मचारी श्री. सचिन चवले, विद्या बोबडे, सुविधा चव्हाण, हेमंत पवार, सतीश वैद्य, शितल सोनटक्के और विनीत गंगशेट्टीवार ने अथक परिश्रम किया।
स्व. एडवोकेट बाबासाहेब वासाडे की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में उनके सहकार क्षेत्र में किए गए कार्यों और विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके दिखाए मार्ग पर सहकार व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।