कोल्हापुर के गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दौरान ग्रामीण महिलाओं को खाद्य पदार्थ बनाने का प्रशिक्षण और लघु उद्योग शुरू करने का मार्गदर्शन देते अतिथि।

कोल्हापुर। महाराष्ट्र के भुदरगढ़ तालुका में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से 22 अक्टूबर 2026 को उद्यमिता विकास कार्यशाला आयोजित की गई। गारगोटी स्थित श्री मौनी विद्यापीठ संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के स्वयंसिद्धा सेंटर और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की पहल पर आयोजित इस कार्यशाला में 120 महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं को खाद्य पदार्थ बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ लघु उद्योग शुरू करने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

कार्यशाला का आयोजन कै. कांचनताई परुलेकर निरंतर शिक्षा संस्था और डॉ. वी. टी. पाटील फाउंडेशन, कोल्हापुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यशाला में डॉ. वी. टी. पाटील फाउंडेशन की अध्यक्ष सौम्या तिरोडकर, स्वयंसिद्धा की संचालिका जयश्री गायकवाड़, प्रीति बागी, सरोज किल्लेदार और सुषमा मगदूम (कोर टीम सदस्य) उपस्थित रहीं।

इस दौरान प्रीति बागी और सुषमा मगदूम ने घरेलू तरीके से पॉपकॉर्न, चिक्की, राजगिरा बिस्कुट और लड्डू बनाने का प्रायोगिक प्रदर्शन किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों के निर्माण के साथ ही लघु उद्योग शुरू करने के लिए आवश्यक बातों, उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों और उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी। इन प्रात्यक्षिकों के माध्यम से महिलाओं को घर से ही व्यवसाय शुरू करने के लिए उपयोगी मार्गदर्शन मिला।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान (एमएसआरएलएम), पंचायत समिति भुदरगढ़ की पशु प्रबंधन अधिकारी अश्विनी देवर्डेकर, कृषि प्रबंधन अधिकारी रेश्मा कांबले और प्रियदर्शनी बाऊसकर भी उपस्थित थीं।

महाविद्यालय की प्राध्यापिका रतिपौर्णिमा कामत और सौम्या तिरोडकर ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में शामिल महिलाओं ने भी अपने अनुभव और विचार साझा किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे ने की। उन्होंने महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने के लिए मार्गदर्शन दिया। श्री मौनी विद्यापीठ के कर्मचारी प्रतिनिधि डॉ. अरविंद चौगले ने भी मार्गदर्शनपरक विचार रखे। महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ. एस. बी. देसाई की विशेष उपस्थिति रही।

ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करने वाली इस कार्यशाला में व्यावसायिक मार्गदर्शन और खाद्य पदार्थ निर्माण के प्रत्यक्ष प्रशिक्षण को एक साथ शामिल किया गया। श्री मौनी विद्यापीठ के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों की शिक्षिकाएं, प्राध्यापिकाएं और छात्राएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की स्वयंसिद्धा समन्वयक प्राध्यापिका गौतमी कांबले ने किया। कार्यशाला की सफलता के लिए स्वयंसिद्धा टीम ने विशेष प्रयास किए। डॉ. ज्योति जाधव और प्राध्यापिका ज्योति सातवेकर ने संचालन किया, जबकि डॉ. मृणाल देसाई ने आभार व्यक्त किया।

फोटो विवरण: गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित उद्यमिता विकास कार्यशाला के दौरान महिलाओं को खाद्य पदार्थ बनाने का प्रशिक्षण देते और उद्योग शुरू करने के संबंध में मार्गदर्शन करते अतिथि।

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