घोडेश्वर मंदिर में यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान, युवाओं ने पांच घंटे में जुटाया चार ट्रॉली कचरा
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कुरुकली स्थित घोडेश्वर मंदिर में यात्रा के बाद युवाओं ने पांच घंटे तक श्रमदान कर सफाई की। अभियान में चार ट्रॉली कचरा और करीब 300 से 350 शराब की खाली बोतलें एकत्र की गईं।
कोल्हापुर जिले के कागल तालुका स्थित कुरुकली के घोडेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यात्रा संपन्न होने के बाद परिसर में बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया था। इससे मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर गंदगी फैल गई थी। इस स्थिति को देखते हुए मुरगूड, हलदवडे और कुरुकली के युवाओं ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए स्वच्छता अभियान चलाया। युवाओं ने सुबह पांच बजे से लगातार पांच घंटे तक श्रमदान कर मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों की सफाई की। इस दौरान चार ट्रॉली कचरा एकत्र किया गया।
युवाओं ने सुबह एकत्र होकर झाड़ू, फावड़े और टोकरी की सहायता से सफाई शुरू की। अभियान के तहत मंदिर के सामने का परिसर, मंदिर के दोनों ओर का क्षेत्र, भक्त निवास परिसर, बेनिकरे गांव की ओर जाने वाली सड़क, मंदिर के पीछे का पहाड़ी क्षेत्र, सुरुपली की ओर जाने वाला रास्ता और कुरुकली की ओर जाने वाली सड़क साफ की गई। युवाओं ने परिसर में फैले प्लास्टिक, कागज और अन्य कचरे को एकत्र कर उसका उचित निस्तारण किया।
स्वच्छता अभियान के दौरान युवाओं ने परिसर में फेंकी गई करीब 300 से 350 शराब की खाली बोतलें भी एकत्र कीं। इससे धार्मिक स्थल के आसपास शराब की खाली बोतलें और अन्य कचरा फेंके जाने की स्थिति सामने आई। यात्रा के बाद मंदिर परिसर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
अभियान को सफल बनाने में कुरुकली ग्राम पंचायत ने भी सहयोग किया। पंचायत की ओर से कचरा एकत्र करने के लिए ट्रॉली उपलब्ध कराई गई। साथ ही, अभियान में शामिल युवाओं के अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। ग्राम पंचायत के सहयोग से सफाई अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सका।
इस स्वच्छता अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता सर्जेराव भाट, सोमनाथ यरनालकर, ओंकार पोतदार, शिवाजी चौगले, आनंदा रामाने, अमर सुतार, प्रफुल्ल कांबले, अमोल मेटकर, संकेत शाह, प्रकाश परिशवाड, रघुनाथ बोडके, अक्षय पोतदार, रणजीत मोहिते, आनंदा मोरे, नामदेव भराडे, एकनाथ भराडे, संभाजी भराडे, दीपक कांबले, सुनील कांबले, गिरीश पाटील, अरुण पाटील, भरत बेलवलेकर और समर्थ यरनालकर ने भाग लिया।
युवाओं के श्रमदान से घोडेश्वर मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों की सफाई की गई। धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस अभियान के माध्यम से युवाओं ने यात्रा के बाद सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया।