तस्वीर में भारतीय सैन्य दल की वर्दी पहने और फूलों की माला पहने विक्रांत शोभा भिकाजी कोराणे अपने परिवार के सदस्यों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।

कोल्हापुर के नंद्याळ गांव के युवा विक्रांत शोभा भिकाजी कोराणे ने जिद, दृढ़ता और देशसेवा की प्रबल इच्छा के बल पर भारतीय सैन्य दल में भर्ती होकर गांव का नाम रोशन किया है। सिकंदराबाद में छह महीने का कठोर और अनुशासित सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद गांव लौटे विक्रांत का ग्रामवासियों ने पटाखों की आतिशबाजी और ढोल-ताशों की गूंज के बीच उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

विजय मोरबाळे के अनुसार, विक्रांत के गांव पहुंचने की जानकारी मिलते ही पूर्व सैनिक, युवा मित्र मंडल, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामवासी एकत्र हुए। इस दौरान विक्रांत का औक्षण किया गया और पुष्पवर्षा कर उसका स्वागत किया गया। उपस्थित लोगों ने उसे आगे की देशसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं और उसकी सफलता का उत्सव मनाया।

सामान्य परिवार से आने वाले विक्रांत ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सैन्य दल में भर्ती होने का सपना पूरा किया। सैन्य भर्ती की तैयारी के लिए उसने लगातार मेहनत, शारीरिक फिटनेस, मानसिक तैयारी और कठोर परिश्रम किया। इसी मेहनत के परिणामस्वरूप उसका भारतीय सैन्य दल में चयन हुआ।

सैन्य प्रशिक्षण को अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समय प्रबंधन, शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और देश के प्रति निष्ठा की परीक्षा होती है। विक्रांत ने इन सभी चुनौतियों का मजबूती से सामना करते हुए प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इससे उसके परिवार के साथ-साथ नंद्याळ गांव का नाम भी गौरवान्वित हुआ है।

विक्रांत के सैन्य दल में भर्ती होने के बाद से ही उसके परिवार में गर्व का माहौल था। छह महीने का प्रशिक्षण पूरा कर सकुशल गांव लौटने से परिवार की खुशी और बढ़ गई। परिवार के चेहरों पर अपने बेटे के देश की रक्षा के लिए तैयार होने का गर्व साफ दिखाई दिया।

ग्रामवासियों का उत्स्फूर्त स्वागत विक्रांत के प्रति उनके प्रेम और सम्मान का प्रतीक रहा। वरिष्ठ नागरिकों ने उसे आशीर्वाद दिया, जबकि युवाओं ने उसकी सफलता का जश्न मनाया।

सिकंदराबाद में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विक्रांत अब हिमाचल प्रदेश में देशसेवा की जिम्मेदारी संभालने के लिए रवाना होगा। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों की पंक्ति में खड़े होने का अवसर गौरव की बात है। परिवार से दूर रहकर वह राष्ट्रसेवा का कर्तव्य निभाएगा।

नंद्याळ जैसे ग्रामीण क्षेत्र के सामान्य परिवार के एक युवा का भारतीय सैन्य दल में प्रवेश कर देशसेवा का मार्ग चुनना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। विक्रांत की सफलता पर नंद्याळ गांव सहित पूरे कापशी क्षेत्र से उसे शुभकामनाएं मिल रही हैं। ग्रामवासियों ने उम्मीद जताई कि वह ईमानदारी और निष्ठा से देशसेवा करते हुए गांव का नाम और उज्ज्वल करेगा।

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