कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के छात्रों ने सवतकडा में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के छात्रों ने सवतकडा धबधबे पर जैवविविधता अध्ययन, स्वच्छता अभियान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अनुभव लिया।
तस्वीर में सवतकडा धबधबे के पास प्राकृतिक वन क्षेत्र में लाल रंग के चबूतरे पर खड़े कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के विद्यार्थी और प्राध्यापक नजर आ रहे हैं।
श्री मौनी विद्यापीठ, गारगोटी संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के बी.ए. विभाग की ओर से आयोजित वर्षा पर्यटन अध्ययन सहल उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। भुदरगड तालुका के प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सवतकडा धबधबे पर विद्यार्थियों ने वर्षा पर्यटन का आनंद लेने के साथ ही जैवविविधता अध्ययन, पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।
सहल के दौरान विद्यार्थियों ने परिसर की विभिन्न वनस्पतियों, पक्षियों, कीटों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। कक्षा में किए गए अध्ययन को प्रत्यक्ष रूप से प्रकृति में अनुभव करने का अवसर मिलने से विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि हुई। जैवविविधता का संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा समय की आवश्यकता है, यह जागरूकता विद्यार्थियों में इस अध्ययन सहल के माध्यम से निर्माण हुई।
पर्यटन स्थल को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने प्लास्टिक और अन्य कचरा एकत्रित किया। विद्यार्थियों के इस उपक्रम से परिसर स्वच्छ हुआ और वहां आने वाले पर्यटकों को भी स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश मिला।
इस वर्षा पर्यटन से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए। चाय विक्रेता, गरम वडापाव और पैटीस विक्रेता, उबले हुए मक्के के विक्रेता, रेनकोट विक्रेता तथा पार्किंग व्यवस्था में कार्यरत स्थानीय नागरिकों को अच्छा आर्थिक उत्पन्न मिला। पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को किस प्रकार गति मिलती है, इसका प्रत्यक्ष अनुभव भी विद्यार्थियों ने लिया।
सहल के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे का प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कर्मचारी प्रतिनिधि डॉ. अरविंद चौगले, उपप्राचार्य डॉ. एस. बी. देसाई, स्टाफ प्रतिनिधि डॉ. शहाजीराव वारके, समन्वयक डॉ. अस्मिता प्रधान तथा राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. रशिद तहसिलदार ने नियोजन, समन्वय और सुरक्षा संबंधी मार्गदर्शन देकर सहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ज्ञान, प्रकृति, पर्यावरण प्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी और ग्रामीण विकास की जागरूकता का सुंदर संगम प्रस्तुत करने वाली यह वर्षा पर्यटन अध्ययन सहल विद्यार्थियों के लिए यादगार साबित हुई। प्रकृति का आनंद लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रतिबद्धता का संदेश विद्यार्थियों ने अपने कार्यों के माध्यम से दिया, जिसके लिए इस उपक्रम की विभिन्न स्तरों पर सराहना की जा रही है।
फोटो : सवतकडा धबधबे पर वर्षा पर्यटन अध्ययन सहल के दौरान जैवविविधता अध्ययन, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के विद्यार्थी।