शुगर इंडस्ट्री पर बढ़ते संकट के बीच राजे समरजितसिंह घाटगे ने रखी संयुक्त पैरवी की जरूरत
कागल में शाहू सहकारी चीनी कारखाने के 47वें गन्ना पेराई सीजन का बॉयलर अग्निप्रदीपन हुआ, घाटगे ने किसान-कारखाना हित की मांगों पर जोर दिया।
तस्वीर में शाहू चीनी कारखाने के बॉयलर अग्निप्रदीपन समारोह में शामिल लोग नजर आ रहे हैं।
चीनी उद्योग के सामने मौजूदा आर्थिक चुनौतियों के बीच किसान और कारखाना हित से जुड़ी मांगों को लेकर एकजुट होकर सरकार के स्तर पर पैरवी करने की जरूरत पर शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग फिलहाल प्रतिकूल परिस्थितियों से गुजर रहा है और इसके आर्थिक सशक्तीकरण के लिए किसान संगठनों की ओर से शासन के समक्ष रखी गई मांगों का स्वागत किया जाना चाहिए।
राजे समरजितसिंह घाटगे कागल स्थित श्री छत्रपति शाहू सहकारी साखर कारखाना के 47वें गन्ना पेराई सीजन के बॉयलर अग्निप्रदीपन समारोह में संबोधित कर रहे थे। समारोह में राजे समरजितसिंह घाटगे, युवराज आर्यवीर घाटगे, कारखाने के उपाध्यक्ष अमरसिंह घोरपडे और कर्नाटक के पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री तथा वरिष्ठ निदेशक वीरकुमार पाटील के हाथों बॉयलर अग्निप्रदीपन विधिवत संपन्न हुआ। इस दौरान कारखाने की अध्यक्ष श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा कि पिछले दस वर्षों में महंगाई लगातार बढ़ी है, लेकिन इसके अनुपात में चीनी के दाम नहीं बढ़े हैं। एफआरपी देने के लिए राज्य सरकार की ओर से लिए गए सॉफ्ट लोन जैसे फैसले मौजूदा परिस्थितियों में राहत देने वाले हैं, लेकिन इन्हें स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता, क्योंकि अंततः यह कर्ज ही है। उन्होंने इस सहायता के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि किसान संगठन ने केंद्र सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें चीनी का न्यूनतम गारंटी भाव 50 रुपये प्रति किलो करने, इथेनॉल का बिक्री मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर करने, इथेनॉल परियोजनाओं के कर्ज पर ब्याज माफी और किस्तों में मोहलत देने तथा चीनी कारखानों को चार प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। घाटगे ने कहा कि कारखाने आर्थिक रूप से सक्षम होंगे तो उन्हें गन्ने का बेहतर भाव देने और समय पर गन्ना भुगतान करने में मदद मिलेगी। इसलिए किसान और कारखाना हित से जुड़ी ऐसी मांगों के लिए संयुक्त रूप से पैरवी करना जरूरी है।
स्वागत भाषण में कारखाने के कार्यकारी निदेशक जितेंद्र चव्हाण ने कहा कि चीनी के साथ उसके उप-उत्पादों को भी कृषि उपज का दर्जा दिया जाना आवश्यक है। साथ ही कृषि उपज के दामों को केंद्र सरकार के महंगाई भत्ते से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगस्त में कुछ दिनों के लिए चीनी के दामों में हुई वृद्धि का अपेक्षित लाभ कारखानों और किसानों को नहीं मिल सका।
जितेंद्र चव्हाण ने कहा कि सहकारमहर्षि स्वर्गीय राजेसाहेब हमेशा यह सिखाते थे कि गन्ना उत्पादन की लागत कम करके आय बढ़ानी चाहिए, अन्यथा कारखाना कितना भी भाव दे, किसानों के लिए गन्ने की खेती आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं रहेगी। उनके विचारों को आधार बनाकर शाहू कारखाने के कार्यक्षेत्र में गन्ना उत्पादन लागत कम करने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि किसानों को कारखाने के गन्ना विकास विभाग के माध्यम से प्रति हेक्टेयर 150 टन तक गन्ना उत्पादन लेने के लिए ‘टार्गेट बेस’ पद्धति से योजना बनाकर काम शुरू किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने पिछले गन्ना पेराई सीजन की समीक्षा करते हुए कारखाने के कार्यक्षेत्र में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न उपक्रमों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में शाहू कारखाने के वर्तमान और पूर्व निदेशक, निदेशिकाएं, पदाधिकारी, सदस्य और किसान उपस्थित रहे। निदेशक युवराज पाटील ने आभार व्यक्त किया।
शाहू कारखाने को हाल ही में राष्ट्रीय चीनी महासंघ की ओर से देश के सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी कारखाने का प्रतिष्ठित पुरस्कार घोषित किया गया है। सहकारमहर्षि स्वर्गीय राजेसाहेब की पुरस्कार के साथ किसान हितैषी कार्यप्रणाली की परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कारखाने की अध्यक्ष श्रीमती सुहासिनीदेवी घाटगे और शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे का सदस्य किसानों ने उत्स्फूर्त रूप से सत्कार किया।
इस अवसर पर राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा कि यह सम्मान राजेसाहेब की शिक्षाओं तथा सभी सदस्यों, गन्ना उत्पादकों, कर्मचारियों और अन्य सभी घटकों के सहयोग का सम्मान है।
कागल में श्री छत्रपति शाहू सहकारी साखर कारखाने के 47वें गन्ना पेराई सीजन के बॉयलर अग्निप्रदीपन समारोह में शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे, युवराज आर्यवीर घाटगे, उपाध्यक्ष अमरसिंह घोरपडे और वरिष्ठ निदेशक वीरकुमार पाटील उपस्थित रहे।