कागल में श्रीराम मंदिर देवस्थान जीर्णोद्धार समिति की ओर से आयोजित भागवत सप्ताह का भक्तिमय वातावरण में महाआरती और महाप्रसाद के साथ समापन हुआ। सप्ताह के दौरान भागवत श्रवण, हरिनाम के गजर और भगवान के नामस्मरण से कागल नगरी भक्तिरस में डूबी रही। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भागवत कथा तथा प्रवचन का लाभ लिया।

भागवत सप्ताह में कथाकार कांचनताई धनाले ने श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का प्रभावी निरूपण किया। इसमें श्रीशुक चरित्र, राजा परीक्षित चरित्र, ध्रुव आख्यान, नरसिंह अवतार, प्रल्हाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार, श्रीराम चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बाललीला, गोवर्धन पूजा, रासक्रीड़ा, कंसवध तथा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह सहित विभिन्न प्रसंग भावपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में प्रस्तुत किए गए।

सप्ताह के समापन समारोह में द्वारिका लीला, सुदाम चरित्र, उद्धव उपदेश और मार्कंडेय कथा का निरूपण किया गया। कथा समाप्त होने के बाद महाआरती हुई, जिसके पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। सप्ताह के दौरान मंदिर परिसर में लगातार भक्तिमय वातावरण बना रहा और विभिन्न धार्मिक उपक्रमों को भाविकों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला।

इस धार्मिक समारोह में राजपरिवार की सुहासिनीदेवी घाटगे, नंदितादेवी घाटगे, राजे समरजितसिंह घाटगे, नवोदिता घाटगे, श्रेया घाटगे, यशराजे घाटगे और श्रुति घाटगे की प्रमुख उपस्थिति रही। भागवत सप्ताह के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु सहित भाविक उपस्थित रहे। महाआरती और महाप्रसाद के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन कागल में आयोजित धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा।

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