युवासेना के महाराष्ट्र कार्यकारिणी सदस्य हर्षल शिंदे ने Gen Z से अपील की कि सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में उतरने से पहले वे अपने परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें।

आज की GEN Z पिढी ऊर्जा, विचार और बदलाव घडवण्याची ताकद असलेली पिढी आहे। समाज, देश और राजनीति के लिए काम करने की इच्छा निश्चित रूप से अच्छी है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में उतरने से पहले अपने घर की जिम्मेदारी समझना और उसे निभाना भी उतना ही जरूरी है। इसी संदेश के साथ महाराष्ट्र कार्यकारिणी सदस्य युवासेना हर्षल शिंदे ने GEN Z से पहले परिवार के प्रति जिम्मेदार बनने की अपील की है।

हर्षल शिंदे का कहना है कि किसी राजनीतिक दल का कार्यकर्ता बनने से पहले अपने घर के कर्ता-धर्ता बनना चाहिए। जिन माता-पिता ने बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी जिंदगी मेहनत की और जिस परिवार ने उनके सपनों के लिए त्याग किया, उस परिवार के सुख-दुख में पहले मजबूती से खड़ा होना ही सार्वजनिक जीवन की सही शुरुआत है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर घर संभालना नहीं आता, तो समाज कैसे संभालेंगे? यदि माता-पिता की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं कर सकते, तो जनता की जिम्मेदारी कैसे स्वीकार करेंगे? संदेश में GEN Z को यह समझाने की कोशिश की गई है कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय होने से पहले पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाना जरूरी है।

राजनीति केवल पोस्टर, बैनर, नारे या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। राजनीति का अर्थ जिम्मेदारी, त्याग, संयम, लोकसेवा और अपने लोगों के लिए खड़े रहने की प्रवृत्ति है। इसलिए सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने से पहले परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना महत्वपूर्ण बताया गया है।

संदेश में कहा गया है, “पहले घर के लिए जिम्मेदार बनें, फिर समाज के लिए आगे आएं; क्योंकि जो अपने घरवालों का विश्वास जीतता है, वही समाज का विश्वास भी जीत सकता है।” GEN Z के लिए दिया गया यह संदेश राजनीतिक सक्रियता के साथ पारिवारिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने पर केंद्रित है।

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