तस्वीर में आदर्श माध्यमिक विद्यालय कळमसरे के प्रांगण में पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में सजे हुए विद्यार्थी, शिक्षक और गणमान्य अतिथि समूह में खड़े नजर आ रहे हैं।

कळमसरे। शिरपूर तालुका स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय कळमसरे में विश्व आदिवासी गौरव दिवस और 9 अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न आदिवासी संस्कृतियों को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। आदिवासी संस्कृति की विविध वेशभूषा धारण कर विद्यार्थियों ने आदिवासी गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कळमसरे ग्रामपंचायत की सरपंच सौ. सखुबाई भिल ने की। प्रमुख अतिथि एवं परीक्षक के रूप में जिला परिषद कळमसरे की मुख्याध्यापिका सौ. सपना ठाकरे मैडम तथा श्रीमती चेतना पाटील मैडम उपस्थित रहीं। विद्यालय के सात समूहों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के मुख्याध्यापक श्री आर. जे. सोनवणे सर ने अगस्त क्रांति दिवस और आदिवासी गौरव दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि आज की नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए क्या प्रयास करने चाहिए।

विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार कराने में विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका सौ. वैशाली गौरव सोनवणे, श्रीमती जे. बी. निकवाडे, श्रीमती हर्षदा चौधरी, कु. नेहा चौधरी, श्रीमती रेणुका वाडीले और श्रीमती महाले मैडम ने सहयोग किया।

कार्यक्रम का संचालन कु. नेहा चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग प्रमुख श्रीमती जे. बी. निकवाडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मुख्याध्यापक आर. जे. सोनवणे के मार्गदर्शन में श्री वसंत मोरे सर, श्री रोहिदास पावरा सर तथा विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने सहयोग किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने आदिवासी संस्कृति, परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी प्रस्तुति और सहभागिता दर्ज कराई।

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