तस्वीर में रीठी के सरकारी अस्पताल के महिला वार्ड के भीतर एक महिला मरीज अस्पताल के बिस्तर के पास खड़ी नजर आ रही हैं।

रीठी के सरकारी अस्पताल के महिला वार्ड में बिजली व्यवस्था की गंभीर खामी सामने आई है। वार्ड में लगे पंखे से दीवार तक करंट फैलने की बात सामने आने के बाद भर्ती महिलाओं और उनके साथ मौजूद परिजनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

सरकार जच्चा-बच्चा की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन रीठी के सरकारी अस्पताल में सामने आई यह स्थिति अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। महिला वार्ड जैसे संवेदनशील स्थान पर बिजली का करंट दीवार तक पहुंचना मरीजों और परिजनों के लिए गंभीर खतरे की स्थिति पैदा कर सकता है।


 


मामला सामने आने के बाद मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इसे संज्ञान में लिया है। उन्होंने जल्द सुधार कराने की बात कही है। हालांकि, समस्या के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि अस्पताल के महिला वार्ड में नियमित निगरानी क्यों नहीं की जा रही थी।

सवाल यह भी है कि क्या अस्पताल प्रबंधन मरीजों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं लेता? बिजली व्यवस्था और अन्य तकनीकी खामियों की समय-समय पर जांच क्यों नहीं होती? यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

मामला केवल करंट की समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही को कितनी जल्दी दूर करते हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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