ताला में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, इंस्टाग्राम से बढ़ी पहचान के बाद बुलाया; 10 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
मैहर के ताला थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से पहचान बढ़ाकर मिलने के बहाने बुलाने और दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने विनय कुमार विश्वकर्मा को घटना के करीब 10 घंटे में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
तस्वीर में ताला थाना परिसर के बाहर पुलिसकर्मियों के साथ हथकड़ी में खड़ा आरोपी दिखाई दे रहा है।
मैहर में सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग से संपर्क बढ़ाकर मिलने के बहाने बुलाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में ताला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के करीब 10 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को ताला थाना क्षेत्र की नाबालिग पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ग्राम रिगरा निवासी विनय कुमार विश्वकर्मा (24) से उसकी पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसे मिलने के लिए बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ताला पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, प्रकरण में धारा 64(1), 65(1) BNS तथा धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
शिकायत मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर सूचना और तकनीकी सहयोग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, घटना के करीब 10 घंटे के भीतर विनय कुमार विश्वकर्मा की गिरफ्तारी कर ली गई। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मैहर अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर के मार्गदर्शन और एसडीओपी अमरपाटन ख्याति मिश्रा के नेतृत्व में की गई। ताला थाना प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र कुमार मिश्रा की अगुवाई में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया।
आरोपी की गिरफ्तारी में निरीक्षक महेन्द्र कुमार मिश्रा, उप निरीक्षक नागेश्वर प्रसाद मिश्रा, उप निरीक्षक आर.बी. अहिरवार, प्रधान आरक्षक इच्छालाल तिवारी, प्रधान आरक्षक राजभान सिंह और आरक्षक विवेक मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले में पुलिस ने BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया है।