श्रावणी तीज मेले में देशभक्ति के तरानों से गूंजा मेला प्रांगण, ‘एक शाम शहीदों के नाम’ में उमड़ा राष्ट्रप्रेम
कोटा के श्रावणी तीज मेले में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम देशभक्ति गीतों से गूंजा, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों में राष्ट्रप्रेम जगाया।
तस्वीर में हॉट रोड स्थित मेला प्रांगण के मंच पर एक व्यक्ति माइक्रोफोन से गाते हुए दिख रहा है, जिसके सामने तिरंगे की पृष्ठभूमि और बाईं ओर दो तस्वीरें लगी हैं।
श्रावणी तीज मेले के मंच पर बुधवार को देशभक्ति के रंगों से सजी यादगार सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। हॉट रोड स्थित मेला प्रांगण में आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व उप महापौर राकेश सोरल ने मां सरस्वती और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष बसंत भरावा एवं संयोजक श्याम भरावा ने मंच पर पधारे सभी आमंत्रित अतिथियों का पारंपरिक रूप से माल्यार्पण कर भावभीना सम्मान एवं अभिनंदन किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि संध्या की शुरुआत विख्यात एंकर नरेश कारा के कुशल एवं ऊर्जावान संचालन में हुई। कार्यक्रम की संगीतमय शुरुआत प्रख्यात गायिका ऋतु जोशी ने कालजयी देशभक्ति गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ से की। गीत की प्रस्तुति ने पंडाल में मौजूद दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इसके बाद देशभक्ति गीतों की अविरल धारा बही। गीतकार आर. भास्कर ने ‘मेरे देश प्रेमियों आपस में प्रेम करो’, साबिर भाई ने ‘जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा’ तथा कृष्णा विजयवर्गीय ने ‘हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिए’ जैसे सुपरहिट देशभक्ति तरानों की दिलकश प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के दौरान पूरा पंडाल ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के गगनभेदी नारों से लगातार गुंजायमान होता रहा।
संगीतमय यात्रा को आगे बढ़ाते हुए गीतकार जगदीश निर्मल, सी.एस. वर्मा, संदीप कुमार, राजेश श्रीवास्तव, नवीन मित्तल, अब्दुल वहाब और राजकुमार भरावा ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए एक से बढ़कर एक देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों के राष्ट्रीय भाव से भरे गायन ने उपस्थित जनसमूह को देशप्रेम के रंग में रंग दिया।
सफल प्रस्तुतियों के बाद बसंत भरावा, लक्ष्मीनारायण गर्ग, राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ तथा राजीव माथुर ने सभी आमंत्रित कलाकारों एवं गीतकारों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। इस तरह श्रावणी तीज मेले की यह सांस्कृतिक संध्या देशभक्ति गीतों, तिरंगे और राष्ट्रप्रेम के भावों से विशेष रूप से यादगार बनी।