आरटीयू कुलगुरु की पुस्तक 'टूर गाइडिंग' का विमोचन, राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा की मौजूदगी में बंगाली भाषा में लिखी इस व्यावहारिक पुस्तिका का जयपुर में विमोचन हुआ।
जयपुर में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने प्रो. निमित चौधरी की पुस्तक का विमोचन किया।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी की पुस्तक ‘टूर गाइडिंग : ए प्रैक्टिकल हैंडबुक फॉर एवरी गाइड’ का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को जयपुर स्थित लोकभवन में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने औपचारिक विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी उपस्थित रहे।
आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि बंगाली भाषा में लिखी गई इस पुस्तक के सह लेखक पीएचडी शोधार्थी अभिषेक पोर्या और जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनयना हैं। पुस्तक का विमोचन राजस्थान के विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं के साथ आयोजित बैठक के दौरान किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वीराज (आईएएस), उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका (आईएएस) सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु उपस्थित रहे। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने पुस्तक के लेखक कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी को बधाई दी।
पुस्तक के माध्यम से पर्यटन शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अनुसंधान की मूल अवधारणाओं एवं प्रक्रियाओं की जानकारी सरल और सहज भाषा में उपलब्ध कराई गई है। इसमें शोध कार्य की प्रक्रिया को समझने, अनुसंधान के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा शोध को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।
प्रो. निमित चौधरी ने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में कार्यरत लोगों के ज्ञान और पेशेवर क्षमताओं का विकास करना है। यह पुस्तक विशेष रूप से बंगाली भाषी विद्यार्थियों, शिक्षार्थियों और पेशेवरों के लिए उपयोगी है। 23 अध्यायों में विभाजित यह पुस्तक टूर गाइडिंग विषय की व्यापक एवं व्यावहारिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विशेष रूप से बांग्लादेश, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के बंगाली भाषी पर्यटन विद्यार्थियों एवं पेशेवरों के लिए उपयोगी साबित होगी। इन क्षेत्रों में बंगाली भाषा में उपलब्ध विशेष शिक्षण संसाधन कौशल विकास और पेशेवर प्रशिक्षण में सहायक हो सकते हैं।
इसके साथ ही पुस्तक उन शिक्षकों और पर्यटन संस्थानों के लिए भी संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोगी होगी, जो टूर गाइड शिक्षा में व्यावहारिक, नैतिक और टिकाऊ दृष्टिकोणों को शामिल करना चाहते हैं। इस प्रकार पुस्तक बंगाली भाषी पर्यटन विद्यार्थियों और पेशेवरों को टूर गाइडिंग के क्षेत्र में ज्ञान एवं व्यावसायिक दक्षता विकसित करने के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका उपलब्ध कराती है।