कोटा में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' यात्रा पर किसान महासभा अध्यक्ष मनोज दुबे ने सवाल उठाए।

कोटा में भाजपा की प्रदेश स्तरीय ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा रैली और मुख्यमंत्री की सभा को भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने फ्लॉप शो करार दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर रैलियां निकालने वाली भाजपा का वास्तविक उद्देश्य लोकतंत्र नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बचाना है।

मनोज दुबे ने कहा कि हर आंदोलन को लाठी और गोली के दम पर कुचलकर लोकतंत्र का गला घोंटने वाली भाजपा अब लोकतंत्र बचाने की नौटंकी कर रही है। लगातार 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद यदि भाजपा को लोकतंत्र बचाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है तो यह बेहद शर्मनाक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसानों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं के शांतिपूर्ण आंदोलनों पर निर्मम लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े, पेलेट गन और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। आंदोलनों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाई गईं, बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। दुबे ने कहा कि सरकार ने बर्बरता करते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ आतंकियों जैसा व्यवहार किया और लगातार लोकतंत्र की हत्या की।

मनोज दुबे ने कहा कि इस देश में भ्रष्ट नेताओं और सरकारों के खिलाफ आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार है। यह जनता, विपक्ष और देश के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। इसके बावजूद हर आंदोलन को लाठी और गोली के बल पर कुचलने वाली भाजपा आज लोकतंत्र बचाने के लिए रैली निकाल रही है।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले किसानों को आंदोलनजीवी, गुंडा, मवाली, आतंकी और खालिस्तानी कहने वाली भाजपा सरकार ने किसानों पर गाड़ियां तक चलवाईं। तानाशाही और दमन के जरिए किसानों, छात्रों, युवाओं, मजदूरों और महिलाओं के भविष्य को कुचलने का काम किया गया। किसान आंदोलन में 700 से अधिक किसानों की शहादत के बावजूद किसानों को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि अपनी नाकामियों को छिपाने और लोकतंत्र का गला घोंटने के लिए हमेशा तत्पर रहने वाली भाजपा को अब लोकतंत्र की बात करना शोभा देता है क्या?

दुबे ने केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि आखिर दिल्ली और राजस्थान सहित अन्य भाजपा शासित राज्यों में भाजपा को लोकतंत्र बचाने के लिए ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली निकालने की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा खुद लोकतंत्र बचाने के लिए रैली निकालने को मजबूर है। जिन राज्यों में भाजपा की डबल इंजन सरकारें हैं, वहां भी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है?

उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में भाजपा की ही सरकारें हैं, वहां लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने के लिए भाजपा को खुद सड़कों पर उतरकर रैली क्यों निकालनी पड़ रही है। मनोज दुबे ने कोटा में आयोजित भाजपा की प्रदेश स्तरीय पदयात्रा और मुख्यमंत्री की सभा को इसी सवाल के साथ फ्लॉप शो बताया।

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