तस्वीर में कोटा के श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में तीन व्यक्ति हाथ में कलश थामे हुए नजर आ रहे हैं।

कोटा के श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में परम पूज्य आचार्य भगवन श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य ज्येष्ठ-श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में रविवार, 9 अगस्त को प्रातः 8 बजे वर्षायोग कलश स्थापना महामहोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर सम्पूर्ण भारतवर्ष के सकल दिगम्बर जैन समाज तथा पुण्योदय नसियां जी मंदिर कमेटी में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है।

चातुर्मास कमेटी के मुख्य संयोजक हुकम जैन 'काका' ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जैन परंपरा में चातुर्मास केवल एक स्थान पर साधु-संतों के विराजमान रहने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, साधना, स्वाध्याय और धर्माराधना का पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि पूज्य मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित होने वाला वर्षायोग कलश स्थापना महामहोत्सव इसी आध्यात्मिक यात्रा का मंगल शुभारंभ होगा।

मंदिर कमेटी के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से किया जाएगा। इसके बाद चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, आचार्यश्री की संगीतमय पूजन-अर्चना तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। महामहोत्सव के दौरान पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं पूज्य मुनिश्री के मंगल प्रवचन का आयोजन भी किया जाएगा। इसी अवसर पर विभिन्न धार्मिक कलशों की बोलियां तथा उनकी घोषणा भी की जाएगी।

चातुर्मास कमेटी के मुख्य संयोजक हुकम जैन 'काका' ने बताया कि वर्षायोग कलश स्थापना महामहोत्सव में तीन प्रमुख रजतमय कलश विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इनमें अमृत सिद्धि कलश, सर्वार्थ सिद्धि कलश तथा ऋद्धि-सिद्धि कलश शामिल हैं। इनके अतिरिक्त ज्ञानाराधना कलश, दर्शनाराधना कलश, चारित्राराधना कलश, तपाराधना कलश, सम्यग्दर्शन भक्ति कलश, सम्यग्ज्ञान भक्ति कलश तथा सम्यक्चारित्र भक्ति कलश सहित अन्य धार्मिक कलशों की भी घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कलशों के माध्यम से सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चारित्र की आराधना तथा आत्मकल्याण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भाव है।

मंदिर अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ एवं महामंत्री महेन्द्र कासलीवाल ने बताया कि महामहोत्सव को लेकर सकल दिगम्बर जैन समाज में विशेष उत्साह है तथा आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं में समाजबंधु सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पूज्य मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में कोटा सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर धर्मलाभ, पुण्यार्जन, गुरु सान्निध्य और आत्मचिंतन का अनुपम अवसर होगा।

मुख्य संयोजक हुकम जैन 'काका' ने कहा कि जहां संतों का सान्निध्य होता है, वहां का वातावरण स्वयं साधना और धर्माराधना का केंद्र बन जाता है। उन्होंने कहा कि पूज्य मुनि श्री 108 योगसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में होने वाला वर्षायोग कोटा की धार्मिक चेतना को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। उन्होंने सकल समाज से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरु सान्निध्य का लाभ प्राप्त करें, धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाएं तथा चातुर्मास की मंगल भावना को साकार करें।

धर्म, साधना और पुण्यार्जन के इस महापर्व के साथ 9 अगस्त को प्रातः 8 बजे श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी, कोटा आस्था, धर्माराधना और आत्मसाधना का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां वर्षायोग कलश स्थापना महामहोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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