राजस्थान में बाजरे की एमएसपी पर खरीद शुरू करने की मांग, मनोज दुबे ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा ने राजस्थान सरकार से एमएसपी पर बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की है।
भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे कोटा में बाजरे की एमएसपी पर खरीद की मांग उठाते हुए।
कोटा, 10 अक्टूबर। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने राजस्थान सरकार से बाजरे की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद शुरू करने की आधिकारिक घोषणा करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि राजस्थान में बाजरे का सर्वाधिक उत्पादन होने के बावजूद किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को निजी व्यापारियों के हाथों कम कीमत पर बाजरा बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मनोज दुबे ने कहा कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा बाजरा उत्पादक राज्य है और देश के कुल बाजरा उत्पादन में अकेले राजस्थान की हिस्सेदारी लगभग 42 प्रतिशत है। इसके बावजूद प्रदेश में बाजरे की एमएसपी पर खरीद नहीं होना किसानों के साथ कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
किसान नेता के अनुसार, मंडियों में किसान अपनी बाजरे की फसल निजी व्यापारियों को मात्र 2,000 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचने को मजबूर हैं। एमएसपी और मंडियों में मिल रहे भाव के बीच अंतर के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजरे की बंपर आवक के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से उनमें निराशा है।
मनोज दुबे ने भाजपा सरकार पर अपने चुनावी वादे से पीछे हटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र के पेज संख्या 20 पर वादा किया था कि राजस्थान में सरकार बनने पर बाजरे की खरीद एमएसपी पर की जाएगी। इसके बावजूद अब तक सरकारी खरीद शुरू नहीं होना किसानों के साथ वादाखिलाफी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार के वादे केवल कागजों तक सीमित हैं और किसानों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने इसे घोर निंदनीय और बेहद शर्मनाक बताया।
मनोज दुबे ने राजस्थान सरकार से हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश में भी बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बाजरे के निर्धारित मूल्य और बाजार भाव के अंतर की भरपाई के लिए भावांतर राशि सीधे किसानों के खातों में भेजने की मांग भी उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करने की अपील की, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें कम भाव पर बाजरा बेचने की मजबूरी से राहत मिल सके।