कोटा विश्वविद्यालय में ₹21.96 करोड़ से बनेंगे दो नए शैक्षणिक भवन
स्किल डेवलपमेंट सेंटर और कॉमर्स-मैनेजमेंट भवन से छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, आधुनिक लैब और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलेगी।
तस्वीर में कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत और अन्य लोग भूमि पूजन करते हुए दिख रहे हैं।
कोटा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों को आधुनिक, रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में दो महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण शुरू हो गया है। कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने विधिवत भूमि पूजन कर कॉमर्स एवं मैनेजमेंट विभाग भवन तथा स्किल डेवलपमेंट सेंटर के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। दोनों भवनों के निर्माण के लिए करीब 21.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।
कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल, अनुसंधान और रोजगार के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कॉमर्स एवं मैनेजमेंट भवन तथा स्किल डेवलपमेंट सेंटर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को कक्षा के साथ प्रयोगशाला और व्यावहारिक प्रशिक्षण का बेहतर वातावरण मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बदलती औद्योगिक एवं रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं में कौशल विकसित करना समय की आवश्यकता है और कोटा विश्वविद्यालय इसी दिशा में अपने आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रहा है।
विभागाध्यक्ष प्रो. अनुकृति शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय ने स्किल डेवलपमेंट सेंटर भवन के लिए 13 नवंबर 2025 को 751.08 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की थी। 2170.85 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाले इस भवन को अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का प्रस्ताव है। भवन में पांच कक्षा-कक्ष, फैकल्टी हॉल, इंजीनियरिंग वर्कशॉप, क्यूलिनरी लैब, कंप्यूटर लैब, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा प्रयोगशाला, बहुउद्देशीय हॉल, कार्यालय, प्राचार्य एवं निदेशक कक्ष, पैंट्री तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कॉमर्स एवं मैनेजमेंट भवन पर 14.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भवन के दिसंबर 2027 तक पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित है। दो मंजिला भवन में भूतल पर 1496.44 वर्गमीटर तथा प्रथम तल पर 1508.88 वर्गमीटर क्षेत्र में विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
भूतल पर प्रवेश लॉबी, शोधार्थी एवं जेआरएफ कक्ष, अंग्रेजी लैब, सेमिनार हॉल, एमबीए के छह कक्षा-कक्ष, प्रोफेसर, सह आचार्य, सहायक आचार्य एवं विभागाध्यक्ष कक्ष, लैब इंस्ट्रक्टर कक्ष, पैंट्री, लिफ्ट, स्टोर सहित अन्य सुविधाएं होंगी। प्रथम तल पर अकाउंटिंग एवं रिसर्च लैब, कंप्यूटर लैब, बैठक एवं प्रतीक्षा कक्ष, एमबीए के पांच कक्षा-कक्ष तथा डिप्लोमा इन जीएसटी और डिप्लोमा इन इनकम टैक्स के लिए पृथक कक्ष बनाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण केंद्रों और उन्नत शैक्षणिक संसाधनों की सुविधा मिलेगी। इससे एमबीए, जीएसटी, इनकम टैक्स, इंजीनियरिंग, क्यूलिनरी, कंप्यूटर, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन और प्रशिक्षण को विस्तार मिलेगा। साथ ही विश्वविद्यालय की कौशल विकास, अनुसंधान और रोजगारपरक शिक्षा की गतिविधियां और मजबूत होंगी।
कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति विमला डूंकवाल, कुलसचिव मुरलीधर प्रतिहार, प्रो. घनश्याम शर्मा, प्रो. अनुकृति शर्मा, डा. विजय सिंह, संजीव सक्सेना, मनीष वशिष्ट सहित कई प्रोफेसर एवं अधिकारी मौजूद रहे।